- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ से जासूसी के आरोप में एक 24 साल के ट्रक ड्राइवर अमन को गिरफ्तार किया.
- आरोपी ने बॉर्डर के पास सड़क पर फोकस करके CCTV लगाया था.
- जम्मू में चार महीने में ISI हनीट्रैप का यह दूसरा मामला है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फ्लर्टी चैट से लेकर आर्मी के काफिले के रास्ते पर लगे सिम-इनेबल्ड स्पाई कैमरे तक, जम्मू में ISI का हनीट्रैप का तरीका अब और भी हाई-टेक होता जा रहा है. जासूसी-रोधी कार्रवाई में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ के एक 24 साल के ट्रक ड्राइवर अमन को गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप है कि हनीट्रैप में फंसने के बाद उसने पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए लाइव सर्विलांस फीड सेट-अप किया था. आरोपी अमन के खिलाफ J&K पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के जॉइंट ऑपरेशन के बाद राजबाग पुलिस स्टेशन में सख्त 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट' के तहत मामला दर्ज किया गया है.
जाल कैसे बिछाया गया?
सूत्रों के मुताबिक, अमन को सबसे पहले सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की ISI से जुड़े लोगों ने हनी-ट्रैप में फंसाया. उनके प्रभाव में आने के बाद, उसे संवेदनशील कठुआ बॉर्डर इलाके में मिलिट्री ठिकानों और लॉजिस्टिकल रास्तों की रेकी करने का काम सौंपा गया. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अहम कामयाबी सिर्फ तस्वीरों से नहीं, बल्कि हार्डवेयर से मिली.
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आरोप है कि यह कैमरा उसके हैंडलर्स को लाइव फुटेज भेजता था. कैमरा लगाने के लिए उसे 20 हजार रुपये दिए गए थे और यह पेमेंट दुबई के जरिए किया गया था.
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और फॉरेंसिक जांच चल रही है.
जम्मू में नया पैटर्न...
जम्मू इलाके में चार महीनों में ISI के हनी ट्रैप नेटवर्क का पर्दाफाश होने का यह दूसरा मामला है. इससे पता चलता है कि अब सिर्फ फोटो शेयर करने के बजाय 24x7 डिजिटल निगरानी की जा रही है.
मई में, पुलिस ने जम्मू के मकवाल गांव के रहने वाले 23 साल के करण कुमार को ऐसे ही आरोपों में गिरफ्तार किया था. आरोप है कि पंजाब में तैनात BSF जवान बनकर एक महिला ने उसे स्नैपचैट पर फंसाया. उसने अश्लील वीडियो कॉल के जरिए उसे अपने जाल में फंसाया, उसकी मां का WhatsApp OTP लेकर उसका अकाउंट हैक किया और फिर उससे 2,000 रुपये के बदले बंकरों और फ्लाईओवर की फोटो भेजने को कहा.
एक और मॉड्यूल का पर्दाफाश पठानकोट में हुआ, जहां एक शख्स को सुजानपुर में एक दुकान के बाहर CCTV कैमरा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. यह कैमरा जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे (जो कश्मीर में सेना की आवाजाही के लिए बहुत जरूरी है) पर नजर रखने और वहां से सेना के काफिले की आवाजाही को पाकिस्तान तक स्ट्रीम करने के लिए लगाया गया था.
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पुलिस ने बॉर्डर के पास रहने वाले युवाओं के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है. इसमें उन्हें स्नैपचैट, मैसेंजर और इंस्टाग्राम पर मौजूद फर्जी महिला प्रोफाइल से सावधान रहने को कहा गया है. ये प्रोफाइल BSF जवान, कश्मीरी महिला या जॉब एजेंट बनकर युवाओं को पैसे और अश्लील कंटेंट का लालच देती हैं और उनसे संवेदनशील जानकारी निकलवाती हैं.
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