- शनिवार शाम जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आर्मी के युवा अफसर लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए.
- आतंकियों के सर्च ऑपरेशन के दौरान वो एक खड़ी पहाड़ी चोटी से फिसलकर गहरी खाई में गिर गए थे.
- अफसर का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह 9:45 बजे एयर फोर्स स्टेशन जम्मू लाया जाएगा.
जम्मू-कश्मीर में बीते 16 दिन से जारी आतंकवाद विरोधी 'ऑपरेशन शेरुवाली' में आर्मी के एक युवा अफसर की दर्दनाक मौत हो गई. शनिवार शाम जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आर्मी के युवा अफसर लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए. वे एक खड़ी पहाड़ी चोटी से फिसलकर गहरी खाई में गिर गए थे. GOC व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बीरेश्वर गोस्वामी की मौत पर दुख जताया है. व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी 'ऑपरेशन शेरुवाली' की टीम में शामिल थे. यह एक लगातार चलने वाला 'खोजो और खत्म करो' (सर्च-एंड-डिस्ट्रॉय) मिशन है, जो आज 16वें दिन में प्रवेश कर गया है.
खड़ी चट्टान और उबड़-खाबड़ इलाकों में चल रहा सर्च ऑपरेशन
GOC व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बताया कि ऊबड़-खाबड़ इलाके, खड़ी चट्टानों और खराब मौसम वाली जगह पर ऑपरेशनल ड्यूटी करते हुए लेफ्टिनेंट गोस्वामी ने सर्वोच्च बलिदान दिया. कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, अदम्य साहस और देश के लिए निस्वार्थ सेवा सभी सैनिकों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी.
आज जम्मू एयर फोर्स स्टेशन लाया जाएगा लेफ्टिनेंट का पार्थिव शरीर
अफसर का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह 9:45 बजे एयर फोर्स स्टेशन जम्मू लाया जाएगा, जहां श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा. जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया जाएगा. मई के आखिर में शुरू हुआ 'ऑपरेशन शेरुवाली' राजौरी के डोरीमाल-गंभीर मुघलान बेल्ट के घने जंगलों में चल रहा है.
#𝗪𝗵𝗶𝘁𝗲𝗞𝗻𝗶𝗴𝗵𝘁𝗖𝗼𝗿𝗽𝘀 | #𝗢𝗽𝗲𝗿𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻𝗮𝗹𝗜𝗻𝗰𝗶𝗱𝗲𝗻𝘁#GOC WhiteKnightCorps and all ranks express profound grief on the untimely demise of 𝗟𝗶𝗲𝘂𝘁𝗲𝗻𝗮𝗻𝘁 𝗕𝗲𝗲𝗿𝗲𝘀𝗵𝘄𝗮𝗿 𝗚𝗼𝘀𝘄𝗮𝗺𝗶, who made the 𝗦𝘂𝗽𝗿𝗲𝗺𝗲 𝗦𝗮𝗰𝗿𝗶𝗳𝗶𝗰𝗲 while… pic.twitter.com/9Sby28jHXD
— White Knight Corps (@Whiteknight_IA) June 7, 2026
तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर चल रहा ऑपरेशन
उल्लेखनीय हो कि टॉप कमांडर सहित तीन पाकिस्तान आतंकियों के इस इलाके में छिपे होने की खुफिया जानकारी के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया है. इन आतंकियों का कोड नेम 'फौजी' है. दो हफ्ते से ज्यादा समय से सेना और पैरामिलिट्री यूनिट्स ऊबड़-खाबड़ ढलानों, घनी झाड़ियों और खराब मौसम का सामना करते हुए इलाके की तलाशी ले रही हैं.
ऊंची चोटी से फिसलकर खाई में गिरे लेफ्टिनेंट
इस ऑपरेशन में सैनिकों ने इलाके की घेराबंदी कर रखी है. आतंकवादियों की तलाश में ड्रोन और ट्रैकर डॉग्स का इस्तेमाल भी कर रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट एक संकरी पहाड़ी चोटी पर सर्च पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे खाई में गिर गए. उनकी टीम द्वारा तुरंत बचाव के प्रयास किए जाने के बावजूद, चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.
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