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100 बच्चियों से रेप के मास्टरमाइंड से जेल में कराई VIDEO कॉल पर बात, अजमेर सेंट्रल जेल के जेलर पर गिरी गाज

अजमेर जेल में बंद कैदियों से 1992 ब्लैकमेल कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल करने के मामले में जेलर सद्दाम हुसैन को निलंबित कर दिया गया है.

100 बच्चियों से रेप के मास्टरमाइंड से जेल में कराई VIDEO कॉल पर बात, अजमेर सेंट्रल जेल के जेलर पर गिरी गाज
रेप के मास्टरमाइंड से जेल में कराई VIDEO कॉल पर बात

राजस्थान की हाई-सिक्योरिटी मानी जाने वाली अजमेर सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है. अभी हाल ही में अजमेर सेंट्रल जेल में ही चंबल के खूंखार डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई. अब जेल में बंद कैदी का वीडियो कॉल पर बात करने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक, अजमेर ब्लैकमेलकांड 1992 व 100 बच्चियों के रेप का मास्टरमाइंड से जेल में बंद कैदियों ने वीडियो कॉल पर बात की थी. इसके बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए. मामला सामने आने के बाद अजमेर सेंट्रल जेल के जेलर सद्दाम हुसैन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. 

तीन कैदियों से नफीस चिश्ती की बातचीत

डीजी जेल (कारागार) अशोक राठौड़ ने जेलर सद्दाम हुसैन को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ ही सद्दाम हुसैन के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. जेल के अंदर से तीन कैदियों तारिक चिश्ती, तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी और फकर जमाली की कथित तौर पर नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल पर बातचीत के दावे का वीडियो वायरल हो रहा है.

अजमेर ब्लैकमेलकांड ने पूरे देश को हिला दिया था

नफीस चिश्ती अजमेर ब्लैकमेलकांड का मास्टरमाइंड है. 1992 में अजमेर में हुआ यह कांड पूरे देश को हिलाकर रख देने वाला था. 100 से अधिक कॉलेज छात्राओं को ब्लैकमेल कर उनके साथ गैंगरेप और अश्लील तस्वीरें खींचने का सिलसिला सामने आया. बदनामी के डर से कई छात्राओं ने आत्महत्या तक कर ली. हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद नफीस चिश्ती पिछले साल अगस्त महीने में जेल से रिहा हुआ था. 

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वीडियो कॉल पर बात करने वाले 2 कैदी रिहा

अजमेर सेंट्रल जेल में कैदियों से वीडियो कॉल पर बातचीत के मामले में जेल के अधीक्षक आर. अंतेश्वर ने बताया कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के जरिए मिली है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कैदी तारिक और फकर की पहले ही जमानत हो चुकी है, जबकि सैयद तौसीफ फिलहाल जेल में बंद है.

जेल अधीक्षक के मुताबिक, जेल प्रशासन मुस्तैदी से काम करता है ताकि प्रतिबंधित सामान अंदर न पहुंचे, लेकिन अगर कोई ऑफिशियल व्यक्ति अपने पद या जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर ऐसी गतिविधियों को अंजाम देता है, तो यह अत्यंत गंभीर है.

मामले में विभागीय जांच के आदेश

जेल अधीक्षक आर. अंतेश्वर ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी. फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच जारी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि यह नेटवर्क कब से चल रहा था और इसमें जेल के कौन-कौन से अन्य कर्मचारी शामिल थे. 

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