- शुक्रवार को भी संसद में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर नारेबाजी की थी
- जिस पर संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने पलटवार करते हुए विपक्षी सांसदों को जबाव दिया.
- उन्होंने कहा कि जब अमित शाह चर्चा का जबाव देने आएंगे तो विपक्ष के सांसद जबाव सुन नहीं पाएंगे.
विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को भी संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर जमकर नारेबाजी की है. जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में 'अमित शाह सदन में आओ' के नारे लगाए. जिस पर संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा विपक्ष के सांसद सदन में आते हैं और नारेबाजी करके चले जाते हैं. लेकिन जब गृह मंत्री अमित शाह सदन में चर्चा का जवाब देंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा.
अमित शाह के नाम से आतंकी कांप उठते हैं
हंगामे के बीच किरण रिजिजू ने कहा 'ये लोग (विपक्ष) के सांसद हर दिन सुबह आते हैं. सदन में गृहमंत्री अमित शाह का नाम लेकर नारे लगाते हैं और हंगामा करके गायब हो जाते हैं. लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि गृह मंत्री अमित शाह सुबह-सुबह संसद में आते हैं और देर रात को ही वापस जाते हैं. वह दिनभर संसद में ही रहते हैं. अमित शाह वह व्यक्ति हैं, जिनका नाम सुनकर आतंकवादी और उग्रवादी कांप जाते हैं. इसलिए जिस दिन सदन में चर्चा होगी और अमित शाह जवाब देंगे तो विपक्ष के सांसद सुन नहीं पाएंगे.' किरण रिजिजू ने कहा कि विपक्षी सांसदों को यह भी समझना चाहिए कि संसद का नियम कहता है कि जो विधेयक होता है, उसी से संबंधित मंत्री को सदन में आना होता है. वहीं उसका जवाब देता है.'
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विपक्ष निर्देश नहीं दे सकता: किरण रिजिजू
किरण रिजिजू ने कहा 'विपक्ष किसी को आदेश नहीं दे सकता. आप निर्देश नहीं दे सकते कि कौन से मंत्री आएंगे और किसको जवाब देना है. यह तय करना सरकार का काम होता है, आसन यह तय करता हैं. लेकिन यह लोग सदन को बाधित करके लगातार देश को गुमराह करने में लगे हैं. इसलिए यह नाटक बंद करना चाहिए.'
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. स्पीकर की चेयर पर बैठे पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने विपक्षी दलों के सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का आग्रह करते हुए कहा आप मन बनाकर आए हैं कि सदन चलने नहीं देंगे. यह सही नहीं है. हालांकि हंगामा होता रहा. जिससे कार्यवाही स्थगित कर दी गई. हालांकि इससे पहले हंगामे के बीच ही सदन ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक 2026 को चर्चा के बिना पारित किया.
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खड़गे-रिजिजू के बीच तीखी बहस
वहीं राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू के बीच भी राज्यसभा में तीखी बहस हुई. मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री से सदन में आकर बयान देने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि सभापति की बात का भी सम्मान नहीं किया जा रहा है. जिस पर किरण रिजिजू ने कहा कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि किस विषय पर कौन मंत्री सदन में जवाब देगा. खड़गे का कहना था कि सभापति ने विपक्ष की यह भावना संसदीय कार्य मंत्री तक पहुंचाई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा कि आपने विपक्ष की भावना संसदीय कार्य मंत्री को बता दी थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ. आपकी बात को भी मर्यादा नहीं दी जा रही है. यह सदन का अपमान है.
जिस पर किरण रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि संसदीय व्यवस्था में यह स्पष्ट नियम है कि जिस विषय से संबंधित मंत्रालय होता है, उसी मंत्रालय का मंत्री सदन में जवाब देता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि किसी मुद्दे पर कौन मंत्री सदन में उपस्थित होगा. सभापति ने केवल विपक्ष की मांग सरकार तक पहुंचाई थी, कोई निर्देश नहीं दिया था. रिजिजू ने कहा सभापति ने विपक्ष की भावना बताई थी, किसी मंत्री को सदन में आने का निर्देश नहीं दिया था. '
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