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केरलम, श्रीनगर में नया एयरपोर्ट टर्मिनल, रेलवे प्रोजेक्ट... सेवा तीर्थ में कैबिनेट की पहली बैठक के 8 बड़े फैसले

मंगलवार को सेवा तीर्थ में हुए मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके अलावा रेलवे के कई प्रोजेक्ट, श्रीनगर में नए एकीकृत हवाई अड्डा टर्मिनल, अहमदाबाद मेट्रो सहित 8 बड़े फैसले लिए गए. 

केरलम, श्रीनगर में नया एयरपोर्ट टर्मिनल, रेलवे प्रोजेक्ट... सेवा तीर्थ में कैबिनेट की पहली बैठक के 8 बड़े फैसले
सेवा तीर्थ में मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी.
  • मोदी कैबिनेट ने सेवा तीर्थ में पहली बैठक में केरल का नाम बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव मंजूर किया है.
  • कैबिनेट ने गोंदिया-जबलपुर रेलवे लाइन के डबल ट्रैकिंग और झारखंड में रेलवे की नई लाइनें बनाने को स्वीकृति दी.
  • श्रीनगर में नया एकीकृत हवाई अड्डा टर्मिनल बनाने की योजना को मंजूरी मिली, जिसकी लागत करीब 1600 करोड़ रुपये है.
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नई दिल्ली:

नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में मंगलवार को मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हुई. इस बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने कई बड़े फैसले लिए. कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी. अश्विनी वैष्णव ने कहा, हमने ऐसे भारत का सपना देखा, जो सोच में स्वदेशी हो और स्वरूप जिसका आधुनिक हो. इस परिसर में लिया गया हर निर्णय 'नागरिक देवो भव' की भावना से लिया जाएगा. कैबिनेट ने केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इसके अलावा रेलवे के कई प्रोजेक्ट, श्रीनगर में नए एकीकृत हवाई अड्डा टर्मिनल, अहमदाबाद मेट्रो सहित 8 बड़े फैसले लिए गए. 

कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की दी जानकारी

कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में NDA 1, 2 और 3 में सरकार ने अभूतपूर्व काम किया है. आज कैबिनेट ने जो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, उनमें पहला है केरल का नाम बदलकर केरलम करना, गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाइन को डबल करना... घमरिया से झारखंड में चांडिल तक तीसरी और चौथी लाइन और श्रीनगर में एक नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल, अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार और कच्चे जूट का MSP... आज सेवा तीर्थ में पहली बैठक में 12236 करोड़ रुपये के फैसले और दो बड़े पॉलिसी फैसले और प्रस्ताव लिए गए हैं..."

सेवा तीर्थ में मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए 8 बड़े फैसले

1. केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी.
2. गोंडिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण का फैसला मंजूर, लागत 5,236 करोड़ रुपये
3. पुनारख-किऊल की तीसरी और चौथी लाइन का निर्णय, लागत 2,668 करोड़ रुपये
4. गम्हरिया चंदिल की तीसरी और चौथी लाइन, लागत 1,168 करोड़ रुपये
5. श्रीनगर में नया एकीकृत हवाई अड्डा टर्मिनल, लागत 1,667 करोड़ रुपये
6. अहमदाबाद मेट्रो: चरण 2बी का विस्तार, लागत 1,067 करोड़ रुपये
7. विद्युत क्षेत्र में सुधार (नीतिगत निर्णय)
8. कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) स्वीकृत, लागत 430 करोड़ रुपये

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की कुल लागत 12,236 करोड़ रुपए बताई गई है. 

दो साल पहले केरल विधानसभा ने नाम बदलने का प्रस्ताव हुआ था पारित

मालूम हो कि केरल का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को आज केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली है. लेकिन इस प्रस्ताव को 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने पारित किया. केरल सरकार ने भारत सरकार से संविधान की प्रथम अनुसूची में संशोधन करने का अनुरोध किया. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'केरल' से 'केरलम' नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी. 

श्रीनगर हवाई अड्डे पर नया टर्मिनल भवन

श्रीनगर टर्मिनल की वर्तमान क्षमता पीक आवर में 950 यात्रियों (पीएचपी) की है. कैबिनेट ने श्रीनगर हवाई अड्डे पर एक नए एकीकृत टर्मिनल भवन के निर्माण को मंजूरी दी. यहां 1,000 कारों के लिए बहुस्तरीय कार पार्किंग भी बनाई जाएगी. खुदरा और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान नियोजन किया जाएगा.

1,344 कर्मियों के लिए सीआईएसएफ बैरक और एएएल आवास का निर्माण किया जाएगा. इसकी अनुमानित लागत: 1,667 करोड़ रुपये बताई गई है. परियोजना अवधि 4 वर्ष है. यह परियोजना भारतीय विमानन प्राधिकरण द्वारा 100% इक्विटी के साथ वित्तपोषित की जाएगी. 950 पीएचपी की वर्तमान क्षमता को बढ़ाकर 2,900 पीएचपी किया जाएगा.

नए टर्मिनल के निर्माण के बाद यात्री संचालन क्षमता बढ़कर प्रति वर्ष 1 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी. इससे यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा और यात्रा आसान हो जाएगी. इससे क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और कश्मीर घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. नई बहुस्तरीय कार पार्किंग से यातायात सुचारू होगा. इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा.

अहमदाबाद मेट्रो के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का विस्तार

अहमदाबाद मेट्रो की मौजूदा लाइनें.

अहमदाबाद मेट्रो चरण-1 (40 किमी)
एपीएमसी से मोटेरा स्टेडियम तक (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर)
थलतेज गांव से वस्त्राल गांव तक (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर)
अहमदाबाद मेट्रो चरण-2 (28 किमी)

मोटेरा स्टेडियम से महात्मा मंदिर और जीएनएलयू से जीआईएफटी सिटी तक
औसत दैनिक यात्री: 1.6 लाख
कैबिनेट ने जीआईएफटी सिटी से शाहपुर तक मेट्रो परियोजना के विस्तार को मंजूरी दी
लंबाई: 3.3 किमी
3 नए एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे
लागत: 1,067 करोड़ रुपये
परियोजना अवधि: 4 वर्ष
अहमदाबाद और गांधीनगर में मेट्रो नेटवर्क 71 किमी से अधिक लंबा हो जाएगा

पावर ग्रिड को शक्तियों का अधिक प्रत्यायोजन

2032 तक ट्रांसमिशन निवेश की आवश्यकता 9.2 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
डीपीई दिशानिर्देशों के अनुसार, महारत्न सीपीएसई बोर्ड अपनी कुल संपत्ति के 15% या प्रति परियोजना 5,000 करोड़ रुपये तक के इक्विटी निवेश को मंजूरी दे सकते हैं.
पावरग्रिड की कुल संपत्ति 92,216 करोड़ रुपये है, जो 15% की सीमा यानी 13,832 करोड़ रुपये के बराबर है.
प्रति परियोजना 5,000 करोड़ रुपये की सीमा एक प्रतिबंध बन जाती है.
यह उच्च मूल्य वाली टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली परियोजनाओं में पावरग्रिड की भागीदारी को सीमित करती है.
कैबिनेट ने सहायक कंपनी के लिए इक्विटी निवेश को बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये करने के लिए पावरग्रिड को अधिक अधिकार दिए जाने को मंजूरी दी.

यह भी पढ़ें - केरल का नाम अब केरलम होगा, सेवा तीर्थ में कैबिनेट की बैठक में हुआ फैसला

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