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केरल में वीडी सतीशन सरकार का पहला फैसला, महिलाओं को दिया यह तोहफा

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने सोमवार को शपथ ली. मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई फैसले लिए गए. इनमें सबसे प्रमुख है महिलाओं के लिए राज्य सरकार की बसों में यात्रा का मुफ्त करना. यह योजना 15 जून से शुरू होगी.

केरल में वीडी सतीशन सरकार का पहला फैसला, महिलाओं को दिया यह तोहफा

केरल की वीडी सतीशन की यूडीएफ सरकार ने अपना पहला फैसला ले लिया है. सरकार ने केरल सरकार की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है. सतीशन मंत्रिमंडल ने सोमवार सुबह ही शपथ ली है. सरकार के शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में यह फैसला किया. यह योजना 15 जून से शुरू होगी.

मुख्यमंत्री सतीशन ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि यह योजना 15 जून से शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि करेल राज्य रोड परिवहन निगम की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, यूडीएफ के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए 'पांच इंदिरा गारंटियों में से एक थी. उन्होंने कहा कि योजना का पूरा खाका जल्द ही तय किया जाएगा.

बुजुर्गों के लिए अलग से सरकार बनाएगी यूडीएफ सरकार

इसके अलावा सरकार ने बुजुर्गों के लिए अलग कल्याण विभाग बनाने का फैसला किया है. बुजुर्गों की अधिक आबादी वाला केरल देश में ऐसा विभाग बनाने वाला देश का पहला राज्य होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान ऐसा विशेष विभाग बनाने वाला पहला देश था.उन्होंने कहा कि जापान के मॉडल का अध्ययन अगले दो महीनों में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों की कितनी अच्छी देखभाल करता है.मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में केरल दुनिया को यह बताएगा बुजुर्गों की देखभाल कैसे की जाती है. इसके अलावा यूडीएफ सरकार आशा कार्यकर्ताओं का मासिक भत्ता नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ASHA कार्यकर्ताओं ने राज्य सचिवालय के सामने आंदोलन किया था, तब यूडीएफ ने उनसे वादा किया था कि सत्ता में आने पर पहली कैबिनेट बैठक में उनके पक्ष में फैसला लिया जाएगा.

क्या हैं यूडीएफ के चुनावी वादें

यूडीएफ ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में पांच 'इंदिरा गारंटी' दी थी. इसमें महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा के अलावा कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए एक हजार रुपये का मासिक भत्ता, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर एक स्वास्थ्य बीमा योजना, जो प्रति परिवार 25 लाख रुपये तक का कवरेज देती है, युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त कर्ज और कल्याण पेंशन में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी शामिल है.इन पांच गारंटियों के अलावा यूडीएफ ने आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्कूल रसोइयों के पारिश्रमिक में संशोधन, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के लिए मुफ्त डायलिसिस, मेधावी छात्रों को भारत और विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए केआर नारायणन छात्रवृत्ति आदि शामिल हैं. इसके असाला यूडीएफ ने स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को कम करने के लिए महिलाओं और बच्चों के लिए एसएचई अस्पताल, आदिवासी और तटीय क्षेत्रों में समर्पित स्वास्थ्य केंद्र और बिना बिल वाले अस्पतालों के निर्माण का वादा यूडीएफ ने किया है. 

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