- प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से ऊर्जा बचत और स्वदेशी अपनाने के लिए सात रणनीतिक कदम उठाने की अपील की है
- वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गैर-जरूरी यात्रा कम करने और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की सलाह दी है
- राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में स्वदेशी, निर्यात वृद्धि और आत्मनिर्भर भारत के लिए रणनीतियों पर चर्चा हो रही है
मध्यपूर्व एशिया में युद्ध की वजह से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बुरी तरह से बाधित हुई है. इसकी वजह से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ा है. युद्ध शुरू होने से पहले भारत आयात होने वाला करीब 40% कच्चा तेल, 50% LPG और 90% LPG स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिये यहां पहुंचता था, जो पिछले करीब 80 दिनों से बुरी तरह बाधित है. इसी कारण पीएम मोदी ने देश की जनता से अपील की थी कि सोना खरीदने, पेट्रोल-डीजल-गैस की बचत और स्वदेशी अपनाने जैसी 7 रणनीतिक कदमों का असर देश भर में देखा जा रहा है. खुद पीएम मोदी सहित कई सीएम और मंत्रियों ने अपने काफिले को कम कर दिया. जनता ने भी भागीदारी शुरू कर दी.
पीयूष गोयल ने बताए तेल बचाने के उपाय
सोमवार को दिल्ली में प्रमुख व्यापारिक नेताओं का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ. इस सम्मेलन में पश्चिम एशिया में जारी संकट तथा बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हो रही है. इसमें 27 राज्यों के व्यापारी और उद्योगपति शामिल हो रहे हैं. इस अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "अगर हम अपनी गाड़ियों से गैर-जरूरी ट्रेवल कम करते हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो अच्छा होगा. भारत में अब अच्छी इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी बन रही हैं. जब आप गाड़ी सर्विस करने जाते हैं तो Fuel Injection System को जरूर बदलें, इससे फ्यूल की बचत होगी. इंडस्ट्री में Furnace Oil, जितना कम इस्तेमाल किया जाए, वो बेहतर होगा."
खाड़ी संकट का हवाला देते हुए पीयूष गोयल ने कहा, "पश्चिम एशिया में पिछले कई महीनो से युद्ध चल रहा है. ये अनिश्चितता का काल है, लेकिन इस दौरान भारत एक Oasis in Desert बना हुआ है. पिछले साल एक्सपोर्ट 865 बिलियन डॉलर रहा. आने वाले वर्ष में एक्सपोर्ट बढ़ाकर 1 Trillion Dollar करने का लक्ष्य तय किया है. हम सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था हैं".
इन चीजों पर हो रही चर्चा
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के मुताबिक, इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से निपटने के लिए, "सम्मेलन में घरेलू सप्लाई को मजबूत बनाने, लॉजिस्टिक लागत कम करने, स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने, निर्यात में वृद्धि करने, रेलवे एवं मल्टीमॉडल फ्रेट सिस्टम के अधिक उपयोग, डिजिटल व्यापार प्रणाली को प्रोत्साहन देने तथा आत्मनिर्भर भारत के विजन को गति देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है. इसका उद्देश्य व्यापार एवं उद्योग जगत के भीतर इन रणनीतिक कदमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक रोडमैप तैयार करना है, ताकि व्यापारियों, एमएसएमई, निर्माताओं, स्टार्टअप्स एवं उद्योग जगत की भूमिका को एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं लचीली भारतीय अर्थव्यवस्था के निर्माण में और अधिक मजबूत किया जा सके."
स्वदेशी पर जोर
इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने “भारतीय व्यापार महोत्सव” की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च किया. 12 से 15 अगस्त के दौरान होने वाला "भारतीय व्यापार महोत्सव" दो संस्थाओं - इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की एक संयुक्त पहल है. इसका मुख्य उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना, “वोकल फॉर लोकल - लोकल टू ग्लोबल” कैंपेन को तेज करना और भारतीय उत्पादों के निर्यात को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है.
पीयूष गोयल ने कहा, "देश का पहला भारतीय व्यापार महोत्सव देश में स्वदेशी की भावना को मजबूत करने का, स्वदेशी प्रोडक्ट्स को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मौका होगा. 15 अगस्त को हम आजादी के 80वें साल में प्रवेश कर जाएंगे. महात्मा गांधी और दूसरे राष्ट्र निर्माताओं ने स्वदेशी प्रोडक्ट्स को काफी महत्व दिया था. अब फिर यह समय आ गया है कि देश में स्वदेशी की भावना को और मजबूत किया जाए. देश के विभिन्न राज्यों, व्यापारिक संगठनों एवं विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 150 प्रमुख व्यापारिक नेता इस सम्मेलन में भाग लेंगे." पीयूष गोयल ने व्यापारी नेताओं को आगाह किया कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि "भारतीय व्यापार महोत्सव" में सिर्फ स्वदेशी सामान ही प्रदर्शित किया जाए, क्योंकि इस महोत्सव में गैर-स्वदेशी सामान लाकर भारत की छवि को बदनाम करने की कोशिश हो सकती है.
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