- JDU ने केसी त्यागी के आईपीएल और नीतीश कुमार के भारत रत्न प्रस्ताव पर विवादित बयानों से दूरी बना ली है.
- जेडीयू लीडरशिप ने केसी त्यागी के बयानों पर नाराजगी जताई और उनका पार्टी से सम्मानजनक अलगाव कर दिया है.
- राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष जयंत चौधरी ने केसी त्यागी के विचारों और राजनीतिक अनुभव की खुले तौर पर सराहना की है.
मुस्तफिजुर रहमान, नीतीश कुमार ,केसी त्यागी, जयंत चौधरी
आईपीएल से बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने के BCCI के फैसले पर सवाल उठाने और नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग के मसले पर जनता दल यूनाइटेड ने पूर्व सांसद केसी त्यागी के बयानों से दूरी बना ली है. सूत्रों के मुताबिक, केसी त्यागी के बयानों के कारण जेडीयू लीडरशिप नाराज़ है, और जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन के बयान के बाद केसी त्यागी का पार्टी से सम्मानजनक अलगाव हो चुका है.
इस विवाद के बीच राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्किल डेवलपमेंट मंत्री जयंत चौधरी ने केसी त्यागी का बचाव किया है. रविवार को जयंत चौधरी ने वर्ल्ड बुक फेयर में के सी त्यागी की नयी किताब - "संकट की खेती" का लोकार्पण करने के बाद अपने भाषण में कहा, "मुझे लगता है कि आपका कनेक्शन फ्रॉम हार्ट तो माउथ है. के सी त्यागी दिल की बात बोलते हैं. उन्हें बर्दाश्त करने के लिए भी बड़ा दिल चाहिए. हर दल को एक केसी त्यागी चाहिए".
केसी त्यागी के किताब के लोकार्पण के बाद रविवार को एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में जयंत चौधरी ने कहा, "के सी त्यागी विचारक हैं, लिखते हैं और उनके पास राजनीति का लंबा अनुभव है...एक्रॉस पार्टी लाइन संपर्क भी है. इसलिए उनके सम्मान में मैंने यह कहा - हर पार्टी में एक के.सी. त्यागी होना चाहिए! Polity में you require open discourse. There are multiple points of view. भारत एक विचार से नहीं है. भारत की ताकत है हमारी जो विभिन्न विचारधाराए हैं, जीवन शैलियों हैं इसलिए भारत का गुलदस्ता मजबूत है और सुना रहा है. के सी त्यागी उसी का एक प्रतिबंध है, उसी भारतीयता का प्रमाण है".
जयंत चौधरी ने आगे बढ़ते हुए कहा - जो राजनीतिक दल खुला संवाद अपने भीतर कर पाते हैं, जहां कार्यकर्ता नेताओं के साथ संवाद कर पाता है, उनकी आलोचना कर सकता है वही राजनीतिक दल असल में लोकतांत्रिक हैं.
ये पूछे जाने पर कि कई अहम मुद्दों पर जेडीयू लीडरशिप ने केसी त्यागी के बयानों से अलग कर लिया है, जयंत चौधरी ने एनडीटीवी से कहा, "यह ठीक है. लोग भी बदलते हैं. किसी भी व्यक्ति को एक बयान से नहीं नापा जा सकता है, एक किताब में उनको नहीं बांधा जा सकता है."
आईपीएल से बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने के BCCI के फैसले पर सवाल उठाने और नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग के मसले पर जनता दल यूनाइटेड ने पूर्व सांसद केसी त्यागी के बयानों से दूरी बना ली है. सूत्रों के मुताबिक, केसी त्यागी के बयानों के कारण जेडीयू लीडरशिप नाराज़ है, और जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन के बयान के बाद केसी त्यागी का पार्टी से सम्मानजनक अलगाव हो चुका है.
इस विवाद के बीच राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्किल डेवलपमेंट मंत्री जयंत चौधरी ने केसी त्यागी का बचाव किया है. रविवार को जयंत चौधरी ने वर्ल्ड बुक फेयर में के सी त्यागी की नयी किताब - "संकट की खेती" का लोकार्पण करने के बाद अपने भाषण में कहा, "मुझे लगता है कि आपका कनेक्शन फ्रॉम हार्ट तो माउथ है. के सी त्यागी दिल की बात बोलते हैं. उन्हें बर्दाश्त करने के लिए भी बड़ा दिल चाहिए. हर दल को एक केसी त्यागी चाहिए".
केसी त्यागी के किताब के लोकार्पण के बाद रविवार को एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में जयंत चौधरी ने कहा, "के सी त्यागी विचारक हैं, लिखते हैं और उनके पास राजनीति का लंबा अनुभव है...एक्रॉस पार्टी लाइन संपर्क भी है. इसलिए उनके सम्मान में मैंने यह कहा - हर पार्टी में एक के.सी. त्यागी होना चाहिए! Polity में you require open discourse. There are multiple points of view. भारत एक विचार से नहीं है. भारत की ताकत है हमारी जो विभिन्न विचारधाराए हैं, जीवन शैलियों हैं इसलिए भारत का गुलदस्ता मजबूत है और सुना रहा है. के सी त्यागी उसी का एक प्रतिबंध है, उसी भारतीयता का प्रमाण है".
जयंत चौधरी ने आगे बढ़ते हुए कहा - जो राजनीतिक दल खुला संवाद अपने भीतर कर पाते हैं, जहां कार्यकर्ता नेताओं के साथ संवाद कर पाता है, उनकी आलोचना कर सकता है वही राजनीतिक दल असल में लोकतांत्रिक हैं.
ये पूछे जाने पर कि कई अहम मुद्दों पर जेडीयू लीडरशिप ने केसी त्यागी के बयानों से अलग कर लिया है, जयंत चौधरी ने एनडीटीवी से कहा, "यह ठीक है. लोग भी बदलते हैं. किसी भी व्यक्ति को एक बयान से नहीं नापा जा सकता है, एक किताब में उनको नहीं बांधा जा सकता है."
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