- कर्नाटक सरकार AI कंपनी एन्थ्रोपिक के साथ मिलकर पेपर लीक और गवर्नेंस सुधारने की योजना बना रही है
- बातचीत में जिम्मेदार AI उपयोग, डेटा प्राइवेसी, और राज्य में सरकारी डेटा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई
- प्रस्तावित AI यूनिवर्सिटी और बड़े पैमाने पर स्किलिंग प्रोग्राम से एक व्यापक AI इकोसिस्टम बनाने पर विचार हुआ
कर्नाटक सरकार प्रश्न-पत्र लीक और अन्य समस्याओं से निपटने के लिए AI कंपनी 'एन्थ्रोपिक' के साथ डील करने की योजना बना रही है. इसका मकसद पेपर लीक जैसी समस्याओं से निपटना, गवर्नेंस को बेहतर बनाना, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम में AI का उपयोग बढ़ाना है. इस संबंध में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आईटी और गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने कंपनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की.
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बातचीत में सरकारी और एंटरप्राइज एप्लीकेशन के लिए AI को लागू करने के साथ-साथ जिम्मेदार AI इस्तेमाल, डेटा प्राइवेसी और डेटा संप्रभुता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. प्रस्तावित AI यूनिवर्सिटी, बड़े पैमाने पर स्किलिंग प्रोग्राम और डीप-टेक इनोवेशन को बढ़ावा देकर एक व्यापक AI इकोसिस्टम बनाने की योजना पर भी चर्चा की गई. बैठक में हेल्थकेयर और वैज्ञानिक रिसर्च में AI के इस्तेमाल पर भी विचार किया गया, जिसमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के साथ संभावित सहयोग भी शामिल था.
एन्थ्रोपिक ने हायर एजुकेशन में AI रिसर्च और स्किलिंग प्रोग्राम में सहयोग करने में रुचि दिखाई. एंटरप्राइज AI को अपनाना भी चर्चा का एक अहम विषय था, जिसमें राज्य ने डेटा रेजिडेंसी और कर्नाटक में मौजूद सर्वर पर सरकारी डेटा को सुरक्षित रखने पर जोर दिया. सरकार ने AI-आधारित पब्लिक सर्विस के विकास के लिए चुने हुए सरकारी डेटासेट को सुरक्षित रूप से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा.
पेपर लीक रोकने में AI के इस्तेमाल पर चर्चा
अधिकारियों ने ई-गवर्नेंस, गृह विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों में AI एप्लीकेशन की पहचान करने के लिए विभाग-वार वर्किंग ग्रुप बनाने पर चर्चा की. साइबर सुरक्षा, नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी से जुड़े सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा हुई. बैठक के दौरान, शिवकुमार ने सरकारी सिस्टम में धोखाधड़ी कम करने और सरकारी विभागों व शिक्षण संस्थानों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए प्रश्न-पत्र तैयार करने की सुरक्षा और गोपनीयता को मज़बूत करने के लिए AI के इस्तेमाल पर एन्थ्रोपिक से सुझाव भी मांगे.
मुख्यमंत्री ने AI शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) सहित हायर एजुकेशन संस्थानों को एन्थ्रोपिक के 'क्लाउड AI' प्लेटफ़ॉर्म तक सब्सिडी वाली सुविधा देने का प्रस्ताव भी रखा.
सरकार ने कहा कि इस सहयोग में टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन और पब्लिक सर्विस डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट शामिल हो सकते हैं. दोनों पक्षों ने कर्नाटक के स्टार्टअप इकोसिस्टम, खासकर डीप-टेक स्टार्टअप को सपोर्ट करने के तरीकों पर भी विचार किया और AI को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए पब्लिक संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी पर चर्चा की.
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