- गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं.
- कावड़ यात्रा के दौरान हाईवे का एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया है.
- यात्रा के लिए रास्ते में कांवड़ियों को लिए खाने की व्यवस्था की गई है.
उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की धूम है. यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. मेरठ से गाजियाबाद तक यात्रा को लेकर इंतजाम किए गए हैं. जहां सुरक्षा, यातायात डायवर्जन और शिव भक्तों की सेवा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. हाईवे का एक तरफ का रास्ता पूरी तरह से बंद करा दिया गया है. जबकि हाईवे की सभी शराब दुकानों को भी बंद कराया गया है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है. जबकि 300 से ज्यादा सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है.
NH58 का एक तरफ का रास्ता बंद
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गाजिबाद से मेरठ तक NH58 का एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया है. गाजियाबाद से गुजरने वाली कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 4000 से ज्यादा पुलिस और 700 से ज्यादा सिविल डिफेंस के लोगों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा एक कांवर कंट्रोल रुम कोलम्बिया गया है जहां 300 से ज्यादा सीसीटीवी के जरिए रुट की निगरानी की जा रही हैं.

कांवड़ियों के लिए खाने के इंतजाम
कांवड़ियों के लिए खाने का इंतजाम भी किया गया है. आम लोगों ने भी अपनी रसोई के दरवाजे कांवड़ियों के लिए खोल दिए हैं. मेरठ के दीपक ऐलन अपने परिवार और दोस्तों की मदद से रोजाना करीब 10-15 हजार कावंरियों को खाना और नाश्ता करा रहे है. इस भंडारे की खास बात ये है कि गाजियाबाद से मेरठ के बीच में ये सबसे 47 साल पुराना भंडारा है जहां हर दो घंटे में मेन्यू बदलता रहता है. यहां सुबह चार बजे से रात दो बजे तक चलता भंडारा चलता रहता है.

गाजियाबाद में रास्ते डायवर्ट
गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर कई रास्तों को 12 अगस्त तक के लिए बंद किया गया है, जबकि कुछ रास्तों को डायवर्ट कर दिया गया है. इसके अलावा स्कूलों में भी पढ़ाई ऑनलाइन शुरू करवा दी गई है. इसके अलावा कावड़ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाली सभी शराब और मीट दुकानों को भी ढक दिया गया है. गाजियाबाद, मेरठ और दिल्ली के तीन रास्तों को डायवर्ट कर दिया गया है. ताकि यात्रियों किसी तरह की परेशानी न हो और कावड़ यात्रा में भी सुचारु रुप से चलती रहे.
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