सावन का महीना चल रहा है और कावड़ यात्रा भी जोर-शोर से चल रही है. इस दौरान शिवभक्त कांवडि़ए भजनों के साथ रास्ते भर नाचते-झूमते देखे जा रहे हैं. कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में डीजे (DJ) भी देखे जा रहे हैं, जिनमें तेज आवाज में भजन और गाने बजाए जा रहे हैं. DJ बजाने की मनाही नहीं है, लेकिन इसके लिए कुछ नियम-कानून तय हैं. उनका उल्लघंन किया तो मोटा चालान कट सकता है और आपका डीजे जब्त भी हो सकता है.
अभी पिछले दिनों यूपी के मुजफ्फरनगर में यही हुआ. शिव चौक पर नियमों और मानकों के खिलाफ DJ बजाया जा रहा था, जिसको लेकर पुलिस ने डीजे संचालक पर 50 हजार रुपये का चालान कर दिया. चालान नहीं भरते तो डीजे जब्त होने का खतरा था. आपके साथ ऐसी कार्रवाई न हो, इसके लिए अगर आप कांवड़ यात्रा में डीजे ले जा रहे हैं तो आपको DJ के साइज, साउंड से जुड़े नियमों के बारे में जान लेना चाहिए.
क्या है कावड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने का नियम
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने डीजे संचालकों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जो निम्न हैं...
- इस नियम के तहत डीजे सिस्टम की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट होनी चाहिए.
- डीजे सिस्टम की साइज के अलावा आवाज की सीमा भी तय की गई है, जिसके तहत सुबह 6 बजे से रात 10 बजे अधिकतम 55 dB(A) और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे: अधिकतम 45 dB(A) तय किया गया है.
- इसके अलावा भड़काऊ गाने बजाने पर पूरी तरह से पाबंदी है.
क्यों जारी किया गया डीजे चलाने पर सख्त दिशा-निर्देश?
कांवड मेले के दौरान डीजे संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने का कारण सरकारी संपत्ति के नुकसान और जाम पर लगाम कसने के लिए किया गया. दरअसल, हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान ओवरसाइज डीजे शहर में प्रवेश करते थे, जिसकी वजह से सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचता था.
साथ ही इन डीजे की वजह से शहर में भारी जाम की स्थिति भी पैदा हो जाती थी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था लड़खड़ा जाती थी.इसलिए कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न करने के लिए और प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.
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