- मौलाना साजिद राशिदी ने कावड़ियों की तुलना आतंकियों से कर दी, इस पर राजनीतिक घमासान जारी है
- बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा कि ये पत्थर फेंकने की ट्रेनिंग लेने हज यात्रा पर जाते हैं
- कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने राशिदी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने बिल्कुल गलत बोला है
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी का कांवड़ियों पर दिए गए बयान पर सियासी घमासान मच गया है. राशिदी ने कांवड़ियों की तुलना आतंकवादी से कर दी. उनके इस बयान पर बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक के नेताओं ने उनको आड़े हाथ लिया है. केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राशिदी से माफी मांगने को कहा है. उधर, कांग्रेस ने कहा कि किसी भी चीज को जेनरलाइज नहीं किया जाना चाहिए. राशिदी ने गलतबयानी की है.
क्या कहा था राशिदी ने?
राशिदी ने एक बयान में कांवड़ियों की तुलाना आतंकवादी और आततायी से कर दी. उन्होंने कहा कि जो स्कूल वैन में बच्चों को जख्मी करते हैं वो शिवभक्त नहीं आतंकवादी हैं. उन्होंने कहा कि मैं सीएम योगी आदित्यनाथ से पूछना चाहता हूं कि वो कहते थे कि यहां सड़कों पर नमाज होती है क्या? राशिदी ने कहा कि हम कहते हैं नहीं होती है. लेकिन कांवड़िए जो चौराहे पर आकर तमाशा करते हैं क्या वो वाकई कांवड़िए हैं? ये लोग आतंकवादी हैं. आततायी हैं. इनको जो कहिए ये वो हैं. उन्होंने कहा कि जो असली शिवभक्त हैं उनके वीडियो देखो आप. वो चुपचाप जाते हैं और चुपचाप आते हैं. ये कांवड़िए तो वीडियोबाज लोग हैं. ये सारे आतंकवादी हैं.
बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने राशिदी को लिया आड़े हाथ
राशिदी के इस बयान पर बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा कि ये पत्थर फेंकने की ट्रेनिंग लेने के लिए हज यात्रा पर जाते हैं. वहां पत्थर फेंकने की ट्रेनिंग लेते हैं और यहां भी पत्थर फेंकते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कलावा बांधकर और टीका लगाकर ये लोग शिवा ढाबा खोल लेंगे और वहां बैठा मिलेगा सलाम. साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी कांवड़ियां पत्थर नहीं फेंक सकता है और न ही नशा करता है. कोई भी कांवड़िया दंगाई नहीं हो सकता. बीजेपी नेता ने कहा कि उनके पैरों में छाले पड़ जाते हैं. इनकी तो सात पीढ़ियों में दम नहीं कि वो सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलें.
कांग्रेस सांसद की मौलाना को दो टूक
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने राशिदी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने बिल्कुल गलत बोला है. किसी भी चीज को जेनरलाइज कर देना गलत है. किसी धर्म के व्यक्ति को ऐसा कहना गलत है, हो सकता है कि कुछ अराजक तत्व इसमें घुस गए हों, जिनको हम कांवड़ियां भी नहीं कह सकते हैं. किसी धर्म के बारे में ऐसा बोल रहे हैं तो ये गलत है. उनको माफी मांगनी चाहिए.
रामदास आठवले ने भी सुनाईं खरी-खरी
वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि मौलाना का सभी कांवड़ियों को आतंकवादी कहना गलत है, एकाध हो सकते हैं. हर धर्म में ऐसे लोग होते हैं.लेकिन उनका ये बयान गलत है. ऐसा बयान किसी को नहीं देना चाहिए. ये सब कहने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
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