- कंगना रनौत ने देशभर के विरोध प्रदर्शनों में शामिल युवाओं को 'जेनरेशन गटर' और 'डिजिटल डिटॉक्स' की जरूरत बताया
- कंगना ने सौरव दास की उम्र पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 28 साल का व्यक्ति छात्र नहीं हो सकता और वे बेरोजगार हैं
- सौरव दास ने कंगना रनौत की बातों को गंभीरता से न लेने की बात कही और उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए
हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत और CJP के प्रवक्ता सौरव दास इन दिनों एक दूसरे पर बयानबाजी करते दिख रहे हैं. कंगना रनौत ने बीते दिनों जंतर-मंतर समेत देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए प्रदर्शनकारियों जिनमें खासतौर पर Gen-Z शामिल थे, उन्हें 'जेनरेशन गटर' बताया. कंगना ने कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियों की ऐसी भाषा देखने के बाद उन्हें कुछ "हीलिंग, डिजिटल डिटॉक्स" की जरूरत है. अपने इस बयान में उन्होंने CJP के प्रवक्ता सौरव दास को लेकर भी टिप्पणी की. सौरव दास पर टिप्पणी करते हुए कंगना रनौत ने पहले अपनी कई उपलब्धियों का जिक्र किया. कंगना ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में फिल्म निर्माता, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीन राइटर, एंटरप्रेन्योर थी, और अब वो एक्टर से सांसद बन चुकी हैं. उन्होंने सौरव दास को लेकर कहा कि उनकी उम्र 28 साल है, क्या कोई 28 साल का शख्स छात्र हो सकता है? जब मैं सौरव के उम्र की थी तो मेरे पास दो नेशनल अवॉर्ड थे.
'बेकार और बेरोजगार ये नहीं समझ पाएगा'
कंगना रनौत ने कहा कि हां, मैं पिछले दो सालों से राजनीति में हूं, लेकिन मैं पिछले 20 सालों से पब्लिक लाइफ में हूं. सौरव दास की उम्र में, मेरे पास दो नेशनल अवॉर्ड थे. एक नई सांसद के तौर पर मैं सारे कामों से घिर गई थी क्योंकि मैं एक फिल्म निर्माता, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीन राइटर और एंटरप्रेन्योर भी हूं. लेकिन ये बातें उनके जैसा कोई व्यक्ति, जो पूरी तरह से बेकार और बेरोजगार है कभी नहीं समझ पाएगा.
सौरव दास ने क्या कहा?
आपको बता दें कि कंगना रनौत की ये टिप्पणी उस वक्त आई है, जब CJP के प्रवक्ता ने युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कंगना रनौत की बातों का जवाब दिया था. कंगना रनौत को जवाब देते हुए सौरव दास ने कहा था कि उनकी अपनी पार्टी के सदस्य भी कंगना रनौत की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते या उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, तो हम क्यों लें? मुझे नहीं लगता कि Gen Z, Gen Alpha या किसी भी युवा पीढ़ी का कोई व्यक्ति उन्हें गंभीरता से लेता है या उनकी बात सुनता है. वह अब एक राजनेता हैं. हिमाचल प्रदेश में अपने चुनाव क्षेत्र के दौरे के समय के कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद थी कि इस काम में बहुत कम मेहनत लगेगी, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि सांसद होने के नाते बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे उनकी अपनी गंभीरता का पता चलता है.
कंगना रनौत ने NEET परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा था कि प्रदर्शनों के दौरान 'अश्लील भाषा' का इस्तेमाल और व्यक्तिगत हमले समाज के लिए 'बिल्कुल अस्वीकार्य' है.भाजपा सांसद ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट भी साझा किए थे,जिनमें उन्होंने विरोध प्रदर्शन के वीडियो को 'घिनौना' बताया था. भाजपा सांसद ने प्रदर्शनकारियों के अंदाज और भाषा की आलोचना की थी.
CJP के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. प्रधान ने हाल ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद प्रदर्शन वापस ले लिए गए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं