हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद कंगना रनौत का बयान सामने आया है. कंगना ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा कि उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों के उस व्यवहार का विरोध किया, जिसे वह अनैतिक, अश्लील और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने प्रदर्शित किया जा रहा आचरण मानती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जाना चाहिए और समाज इसे स्वीकार नहीं करता.
'मैंने स्टार्टअप्स और युवाओं के काम को सराहा'
कंगना ने आरोप लगाया कि मीडिया उनके खिलाफ एकजुट होकर अभियान चला रही है और उनके उन बयानों को नहीं दिखा रही, जिनमें उन्होंने स्टार्टअप्स, युवाओं और नीट के छात्रों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि देश के कई युवा बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और उनकी टीम तथा परिवार में भी ऐसे लोग हैं, जिन पर उन्हें गर्व है.
Taking inspiration from our PM ji and posting a selfie video, do let me know your thoughts about my thoughts he he , also aap sab ko Guru Poornima ki hardik shubhkamnaein 🪷🙏 pic.twitter.com/55tc6YAH0q
— Kangana Ranaut (@KanganaTeam) July 29, 2026
'दूसरे की भावनाओं का आहत नहीं कर सकते'
कंगना ने कहा कि अनुशासन और मर्यादा कोई विकल्प नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'समाज और संविधान के दायरे में रहते हुए हर व्यक्ति को अपनी स्वतंत्रता का उपयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी को भी दूसरों की भावनाओं को आहत करने या सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक व्यवहार करने का अधिकार नहीं है.'
कंगना ने लोगों से कहा कि वे ऐसे विचारों से प्रभावित न हों जो उन्हें उनके अनुसार गलत दिशा में ले जाते हैं. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन, परिवार और कार्यस्थल पर मर्यादा आवश्यक है और उसका पालन न करने पर व्यक्ति को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
कंगना ने कहा कि विज्ञान के अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य इवोल्यूशन है और शास्त्र भी श्रेष्ठ बनने की प्रेरणा देते हैं. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में आगे बढ़ें, बेहतर बनें और पशुवत प्रवृत्तियों की ओर न जाएं.
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