दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने के लिए महाराष्ट्र के नासिक जिले से भेजी गई विशेष मालगाड़ी 'कांदा एक्सप्रेस' निर्धारित समय से 31 घंटे की देरी से रवाना हुई. इस देरी के कारण रेलवे ने राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और वखार महामंडल पर एक लाख रुपये से अधिक का डिमरेज चार्ज लगाने की तैयारी की है. अधिकारियों के मुताबिक गोदाम में रखे बफर स्टॉक के बड़े हिस्से के खराब हो जाने और उसकी ग्रेडिंग में लगी अतिरिक्त समय की वजह से माल की लोडिंग समय पर पूरी नहीं हो सकी. इस कारण ट्रेन के संचालन कार्यक्रम पर असर पड़ा और रेलवे को निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई करनी पड़ी.
लोडिंग में देरी बनी जुर्माने की वजह
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालगाड़ी की लोडिंग तय समय के भीतर पूरी नहीं हो पाई. रेलवे नियमों के तहत निर्धारित समय सीमा में माल लोड नहीं होने पर प्रति बॉक्स प्रति घंटे 150 रुपये का डिमरेज चार्ज लगाया जाता है. इसी प्रावधान के तहत NCCF और वखार महामंडल से एक लाख रुपये से अधिक की राशि वसूल की जाएगी. बताया जा रहा है कि गोदाम में रखे प्याज का एक बड़ा हिस्सा खराब हो गया था. ऐसे में प्याज की छंटाई और ग्रेडिंग में अपेक्षा से अधिक समय लगा, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई.
Kanda Express is bringing onions to key markets, strengthening supply, supporting price stability and providing relief to consumers. 📍 Initial destinations include Chennai, Madurai, Delhi, Ernakulam and Guwahati, with more centres to be added… pic.twitter.com/gkTIlDnRhL
— Consumer Affairs (@jagograhakjago) August 25, 2026
450 टन प्याज लेकर दिल्ली रवाना हुई ट्रेन
महाराष्ट्र के नासिक जिले स्थित एशिया की सबसे बड़ी प्याज थोक मंडी लासलगांव से करीब 450 टन प्याज लेकर 21 डिब्बों वाली 'कांदा एक्सप्रेस' बुधवार दोपहर करीब 3:10 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई. लासलगांव रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक प्रितेश दुबे ने बताया कि ट्रेन दिल्ली के निकट आदर्शनगर स्टेशन पहुंचेगी और इसे जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दिल्ली के उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.
प्याज की कीमतों पर नियंत्रण की तैयारी
यह विशेष ट्रेन उपभोक्ता मामलों के विभाग के निर्देश पर चलाई गई है. केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत खरीदे गए बफर स्टॉक में से 840 टन प्याज दिल्ली भेजने का निर्णय लिया है. सरकार राष्ट्रीय राजधानी में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराएगी, जो मौजूदा औसत खुदरा कीमत से करीब 36 प्रतिशत कम है. प्याज की बिक्री नाफेड, NCCF और केंद्रीय भंडार स्टोर के माध्यम से की जाएगी.
अन्य राज्यों को भी भेजा जा रहा प्याज
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार, विशेष रेलवे रैक के जरिए चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों में भी प्याज भेजा जा रहा है. यह पूरा स्टॉक महाराष्ट्र के नासिक में रखे गए बफर स्टॉक से जारी किया गया है. सरकार का मानना है कि त्योहारों के मौसम, बढ़ती मांग और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण अगस्त-सितंबर में प्याज की कीमतों में होने वाली मौसमी बढ़ोतरी को इस कदम से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
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