- नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से तबाही हुई, जिसका पानी तिब्बत के कब्जे वाले हिस्से से आया था
- चीन ने बताया कि कुल 261 विदेशी नागरिक बाढ़ में लापता हुए हैं, जिनमें 49 भारतीय भी शामिल हैं
- लापता भारतीय ज्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे, जो तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट से होकर गुजरती है
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से भीषण तबाही मची है. इस बाढ़ की वजह चीन के कब्जे वाले तिब्बत से आया पानी था. यही कारण है कि तबाही का असर तिब्बत पर भी हुआ है. अब तक चीन ने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी थी, लेकिन रविवार को उसने बताया कि कुल 261 विदेशी नागरिक लापता हैं. चीन का कहना है कि 49 भारतीयों समेत कुल 261 नागरिक लापता हैं. इनमें से ज्यादातर भारतीय तिब्बत में स्थित हिंदू तीर्थ कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे. इसी दौरान आई बाढ़ का वे शिकार हुए हैं और अब तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. इन लापता लोगों में अमेरिका के भी 18 नागरिक शामिल हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये लोग नेपाल की सीमा पर स्थित तिब्बत के इलाके ग्यिरोंग पोर्ट पर थे. इसी दौरान बाढ़ आई और उसके बाद से ये लोग लापता हैं. भारतीय नागरिकों ग्यिरोंग पोर्ट से ही तिब्बत की सीमा पार कर नेपाल आने वाले थे और फिर भारत आते. इसी दौरान वे बाढ़ का शिकार हो गए. 26 अगस्त को हुई घटना में शिकार लोगों में भारतीयों समेत कुल 23 देशों के 261 नागरिक शामिल हैं. इनमें 104 नेपाल के हैं और 49 भारतीय हैं. इसके अलावा 33 नागरिक लाटविया के थे तो वहीं 18 अमेरिका नागरिकों की भी खबर नहीं मिल रही है. इनमें से 15 नागरिक ब्रिटेन के और 6 कनाडा के हैं.
ऑस्ट्रेलिया के भी 6 नागरिक लापता हैं. इसी तरह मलयेशिया, साउथ अफ्रीका, जर्मनी, रूस, आयरलैंड, फ्रांस, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, फिनलैंड, स्पेन और हंगरी के भी नागरिक लापता हैं. बता दें कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा भारत और चीन के बीच सुधरने के बाद फिर से शुरू हुई है. हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भारतीय जाते रहे हैं. इसका एक रूट नेपाल और तिब्बत की सीमा के पास से भी गुजरता है. जानकारी मिली है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा से वापसी के दौरान ये लोग तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित इमिग्रेशन बिल्डिंग में रुके थे. इसी दौरान भीषण बाढ़ आई और ये लोग प्रभावित हो गए. अब तक इनके बारे में जानकारी नहीं मिली है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं