- झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में व्यापक धांधली को लेकर छात्रों का लंबा समय से आंदोलन जारी है.
- सीआईडी ने मामले की जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन परीक्षाएं अभी तक रद्द नहीं की गई हैं.
- धांधली मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की गई, जिससे छात्रों का आंदोलन और बढ़ने की संभावना बनी हुई है.
झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में हुई व्यापक धांधली को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. इस बीच मामले की जांच कर रही सीआईडी ने कई आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. हालांकि जिन परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगे हैं, उन्हें रद्द करने की घोषणा अभी तक नहीं की गई है. साथ ही मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश भी अभी तक नहीं की गई है. इससे छात्रों का आंदोलन और बढ़ता नजर आ रहा है. अब छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है.
अनिमा हांसदा का पूर्व चेयरमैन पर बड़ा आरोप
इस बीच JPSC की पूर्व सदस्य अनिमा हांसदा का बड़ा बयान सामने आया है. एक हिंदी अखबार को दिए इंटरव्यू में अनिमा हांसदा ने बताया है कि परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाने पर तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने उन्हें पद से हटाने की धमकी दी थी.
जहां-जहां गड़बड़ी देखी, वहां-वहां आवाज उठाई
अनिमा हांसदा ने दावा किया कि उन्होंने जहां-जहां गड़बड़ी देखी, वहां आवाज उठाई और इसकी जानकारी मंत्री को भी दी, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला. इस मामले में अनिमा हांसदा से सीधे संपर्क कर उनका पक्ष लेने की कोशिश किया, लेकिन उन्होंने अखबार से बातचीत के बाद किसी अन्य मीडिया संस्थान से बात नहीं करने की बात कही.
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