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अपने घर के ही करीब दो दिन किडनैपरों की कैद में थे बच्चे, अंश-अंशिका अपहरणकांड में चौंकाने वाले खुलासे

Ranchi News: बच्चों को बरामद करते ही पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने मुताबिक, यह मामला केवल स्थानीय अपराधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंतरराज्यीय गिरोह शामिल हो सकता है. अब इस पूरे मानव तस्करी सिंडिकेट की जांच की जा रही है.  

अपने घर के ही करीब दो दिन किडनैपरों की कैद में थे बच्चे, अंश-अंशिका अपहरणकांड में चौंकाने वाले खुलासे
अंश-अंशिका के आरोपियों का बड़ा खुलासा.
  • रांची के धुर्वा से लापता अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के चितरपुर से सकुशल बरामद किया गया है
  • पुलिस ने किडनैपिंग मामले में सोनी कुमारी और उसके पति नव खेरवार को गिरफ्तार किया है
  • आरोपियों ने बच्चों को पहले शालीमार बाजार के पास छुपाकर रखा और फिर ऑटो से हटिया स्टेशन तक ले गए
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रांची:

रांची के धुर्वा से लापता हुए अंश और अंशिका सकुशल अपने घर पहुंच चुके हैं. दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर से बरामद किया गया है. इस मामले में पुलिस ने एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है. दोनों गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कर ली गई है. महिला की पहचान सोनी कुमारी और पुरुष की पहचान उसके पति नव खेरवार उर्फ ​​सूर्या के रूप में हुई है. 

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अंश-अंशिका के किडनैपर्स का बड़ा खुलासा

गिरफ्तार शख्स बिहार के औरंगाबाद के बारुन के रहने वाला है, जबकि उसकी पत्नी सोनी कुमारी रामगढ़ के कोठार की रहने वाली है. ये दोनों धुर्वा के शालीमार बाजार में गुब्बारे बेचते थे. पुलिस की पूछताछ में दोनों किडनेपर्स नेखुलासा किया कि बच्चों के साथ उन्होंने इतने दिन तक क्या किया था.  आरोपियों ने बताया कि अपहरण के बाद दोनों बच्चों को 2 दिन तक उन्होंने घर से महज 1 किलोमीटर दूर शालीमार बाजार के पास छुपा कर रखा. फिर ऑटो से दोनों बच्चों को हटिया स्टेशन लेकर पहुंचे. तीन दिन तक स्टेशन के पास ही बच्चों के साथ रहे.

आरोपी बच्चों को लेकर रामगढ़ कैसे पहुंचे?

7 जनवरी को दोनों आरोपी बच्चों को लेकर ट्रेन से रामगढ़ चले गए वहां से चितरपुर के अहमद नगर गए. वहां रोशन आरा के घर किराए पर कमरा लिया, जहां दोनों बच्चों के साथ रह रहे थे. आरोपियों ने बतया कि बच्चे भी उनके साथ आराम से रह रहे थे इसलिए किसी को शक नहीं हुआ. 

मानव तस्करी सिंडिकेट की हो रही जांच

सूचना मिलने पर बच्चों को बरामद करते ही पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने मुताबिक, यह मामला केवल स्थानीय अपराधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंतरराज्यीय गिरोह शामिल हो सकता है. अब इस पूरे मानव तस्करी सिंडिकेट की जांच की जा रही है.  हालांकि पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया गया कि पूछताछ में आरोपियों ने और क्या जानकारी दी है,क्योंकि मामले की जांच अभी भी जारी है. 

 पुलिस अन्य संभावित नेटवर्क सदस्यों की तलाश कर रही है. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता के चलते जांच से जुड़ी सभी जानकारियों को गोपनीय रखा है. उनका कहना है कि पूरी जांच के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जाएगा.

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