मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती है तो विरोध की आवाज पूरे देश में फैल जाएगी. उनका कहना है कि आंदोलन किसी एक जगह का मोहताज नहीं है और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा.
जहां रोका जाएगा वहीं से शुरू होगा आंदोलन
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में मीडिया से बातचीत करते हुए दीपके ने कहा कि वह बुधवार को दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर रास्ते में पुलिस उन्हें रोकती है तो जिस स्थान पर उन्हें हिरासत में लिया जाएगा वहीं से आंदोलन शुरू कर देंगे. उनके मुताबिक विरोध प्रदर्शन का मकसद केवल एक मांग को लेकर है और वह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा.
जंतर-मंतर को बताया आंदोलनों की पहचान
दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि देश के आंदोलनों की पहचान है. उनका दावा है कि यदि प्रशासन को लगता है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के बाद विरोध खत्म हो जाएगा तो ऐसा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हर आंदोलनकारी के भीतर एक जंतर-मंतर मौजूद है और जरूरत पड़ी तो पूरा देश ही जंतर-मंतर बन जाएगा.
दिल्ली पुलिस के फैसले पर बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि 11 अक्टूबर को जारी आदेश में दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर रोड को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया था. इसके साथ ही बड़े प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को नए निर्धारित स्थलों के रूप में चिन्हित किया गया. इस फैसले के बाद विभिन्न संगठनों और प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
सीजेपी ने दावा किया कि उसके कुछ कार्यकर्ता मंगलवार सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जंतर-मंतर पहुंच गए थे. संगठन के अनुसार सौरव दास और आशीष रांका समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पार्टी का आरोप है कि कार्यकर्ता तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण ढंग से वहां पहुंचे थे.
अदालत जाने की तैयारी
दीपके ने कहा कि उनके संगठन की कानूनी टीम हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के मामले को अदालत में उठाएगी. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को रोकने की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन इससे उनके समर्थकों का हौसला कम नहीं होगा.
अपनी दादी सावित्रीबाई दीपके के अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हिंगोली पहुंचे दीपके लगातार अपनी टीम के संपर्क में रहे. इस दौरान उन्होंने कहा कि आंदोलन का अगला चरण जल्द शुरू होगा. उनका दावा है कि देशभर से लोग इस मुहिम से जुड़ रहे हैं और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकता है.
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