- अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर कर लिखा- देश की राजधानी शर्म से पानी-पानी, ये है नारी वंदन का सच.
- दिल्ली पुलिस ने कहा- वीडियो में पिटने वाला युवती नहीं बल्कि पुरुष प्रदर्शनकारी था.
- 10 अक्टूबर को CJP द्वारा CEC के इस्तीफे की मांग पर जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट कॉल दी गई थी.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रोटेस्ट के दौरान की एक तस्वीर वायरल हुई. अखिलेश यादव ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए महिला सम्मान को लेकर सवाल उठाया था. इस वीडियो में कुछ लोग किसी को पीटते दिखते हैं. अखिलेश यादव ने इसे महिला सम्मान से जोड़ा था. उन्होंने लिखा था, 'देश की राजधानी, शर्म से हुई पानी-पानी! ये है भाजपाई ‘नारी वंदन' का सच.निंदनीय!' पिटाई का यह वीडियो तो सही निकला है, लेकिन अखिलेश के दावे के मुताबिक वीडियो में जिसकी पिटाई करते दिखाया गया है, वह कोई युवती या महिला नहीं है बल्कि एक लड़का है.
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दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने पोस्ट में कहा, "सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का दिल्ली पुलिस (कमला मार्केट थाना) ने खुद संज्ञान लिया. इस वीडियो में चार लोग एक पुरुष प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते हुए दिख रहे थे. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. घटना में शामिल चारों लोगों की पहचान कर ली गई है और उनका पता लगा लिया गया है. कानून के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. दिल्ली पुलिस हिंसा की घटनाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और ऐसी शिकायतों पर तुरंत ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है."
POLICE ACTION Taking suo motu cognizance of a video circulating on social media showing four men allegedly assaulting a male protester, Delhi Police, PS Kamla Market, acted promptly and initiated legal proceedings. All four individuals involved have been identified and traced. Further legal action is underway in accordance with the law. Delhi Police remains committed to taking appropriate action against incidents of violence and ensuring that complaints of such nature are dealt with promptly. #DPUpdates
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 11, 2026
दिल्ली में 10 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाया गया, क्योंकि पुलिस ने जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की. यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था, जो वोटर लिस्ट से जुड़े एसआईआर प्रोसेस से जुड़ा था. विपक्षी दलों ने कथित तौर पर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने को लेकर इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.
सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके और पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट के उतरने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया. वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को हरियाणा के उनके घर से हिरासत में लिया गया. जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, कई विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नागरिकों को भी अलग-अलग जगहों पर हिरासत में लिया गया. मेट्रो स्टेशन के गेट बंद होने, ट्रेन सेवाएं बाधित होने और सेंट्रल दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद होने की वजह से प्रस्तावित प्रोटेस्ट को जंतर-मंतर तक पहुंचना मुश्किल हो गया.
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