जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को उत्तरी कश्मीर के सोपोर इलाके में प्रतिबंधित संगठन 'जमात-ए-इस्लामी' के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की. इस संगठन और उससे जुड़े नेटवर्क की गतिविधियों की चल रही जांच के तहत 26 जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोपोर शहर के साथ-साथ बोमाई, तारजू, शुतलु, रोहामा, गोरीपोरा और बहरामपोरा जैसे कई गांवों में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तलाशी ली जा रही है. यह ऑपरेशन सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की मदद से चलाया जा रहा है.
साल 2019 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया था और उसे एक गैर-कानूनी संगठन घोषित किया था. यह कार्रवाई संगठन के कथित अलगाववादी और आतंकी संबंधों की वजह से की गई थी. पुलवामा हमले के बाद यह कदम उठाया गया था. गृह मंत्रालय ने फरवरी 2024 में इस प्रतिबंध को और पांच साल के लिए बढ़ा दिया.
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हालिया आतंकी हमलों के बाद सख्त कार्रवाई!
यह ऑपरेशन हाल ही में हुए कई आतंकी हमलों के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा के लिहाज से की जा रही सख्त कार्रवाई के बीच चलाया जा रहा है. 22 जुलाई को आतंकवादियों ने अनंतनाग शहर के बीचों-बीच एक पुलिसकर्मी की बहुत पास से गोली मारकर हत्या कर दी. इसके एक हफ्ते बाद, पास के कुलगाम जिले में एक और टारगेटेड हमले में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या कर दी गई.
अनंतनाग हमले के बाद, सुरक्षा बलों ने पूरी घाटी में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की और 3,000 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया. कुछ अनुमानों के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है.
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