जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी लतीफ भट पर बड़ा इनाम रखा है. पुलिस ने ऐलान किया है कि जो कोई भी आतंकी लतीफ भट की जानकारी देगा और गिरफ्तारी में मदद करेगा, उसे 15 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा. दक्षिण कश्मीर के कई जिलों और जम्मू प्रांत के कुछ हिस्सों में भट की तस्वीर वाले 'वॉन्टेड' पोस्टर लगाए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक पर हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या के मामले में भट मुख्य आरोपी है. पिछले हफ्ते कुलगाम में दो बाहरी मजदूरों की हत्या में भी भट की भूमिका होने का शक है.
जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे भट के ठिकाने के बारे में कोई भी जानकारी साझा करें. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.
भट तब चर्चा में आया जब शोपियां में पांच दिन तक चले एनकाउंटर में लश्कर कमांडर जाकिर मूसा मारा गया था. हालांकि, भट वहां से भागने में कामयाब रहा और तब से सुरक्षा एजेंसियों की नजर उस पर है.
यह भी पढ़ेंः PoJK में रोटी की मांग पर मिल रहीं गोलियां, श्रीनगर में शांति-तरक्की... कितने बदल गए दोनों कश्मीर?
कौन है आतंकी लतीफ भट?
लतीफ भट लश्कर का एक कमांडर है, जो शोपियां एनकाउंटर के बाद चर्चा में आया था. इस दौरान वह लश्कर के टॉप कमांडर जाकिर मूसा के साथ फंस गया था.
एजेंसियों को शक है कि लतीफ भट ने सीमा पार बैठे हैंडलर्स के कहने पर बाहरी लोगों और सुरक्षा कर्मियों की टारगेटेड किलिंग को अंजाम देने के लिए स्लीपर सेल्स को फिर से एक्टिवेट कर दिया है.
माना जाता है कि भट का साथी, वारिस शाह, 22 जुलाई को अनंतनाग में पुलिस अधिकारी की हत्या के पीछे भी था. सड़क किनारे लगे सर्विलांस कैमरे में वारिस शाह को बहुत करीब से पुलिसकर्मी पर गोली चलाते हुए कैद किया गया. माना जाता है कि शाह इन हमलों के लिए लॉजिस्टिकल सपोर्ट और जासूसी से जुड़ी सुविधाएं मुहैया करा रहा है.
यह भी पढ़ेंः धोखे से कब्जा करके बैठे पाकिस्तान ने PoK को कैसे कर दिया बर्बाद? गवाही देते हैं ये आंकड़े
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं