पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखा जवाब दिया है. उमर अब्दुल्ला ने साफ शब्दों में कहा कि आर्टिकल 370 पर बोलने से पहले पाकिस्तान को अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर नजर डालनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 5 अगस्त के फैसले को लेकर जम्मू-कश्मीर की अपनी शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन यह भारत का अंदरूनी मामला है और पाकिस्तान का इससे कोई लेना-देना नहीं है. साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान को अपने घर की समस्याएं सुलझाने की सलाह भी दी.
नापाक शहबाज को उमर अब्दुल्लाह का जवाब
शहबाज शरीफ ने अनुच्छेद 370 हटाने को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि PoJK में खुद पाकिस्तान मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. उन्होंने कहा कि भारत के अंदरूनी मामलों से पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है. उमर अब्दुल्ला ने कहा, "मानवाधिकारों का उल्लंघन तो वे लोग उस इलाके में कर रहे हैं, जो उनके कब्जे में है. हाल ही में उन्होंने वहां कितने लोगों को मार दिया है? 5 अगस्त को लेकर हमारी अपनी शिकायतें हैं, लेकिन यह हमारा अंदरूनी मामला है. इसका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है."
VIDEO | Jammu: Jammu and Kashmir CM Omar Abdullah on Pakistan PM's X post, says "Human rights violations are taking place in Pakistan occupied Jammu and Kashmir. They are doing human rights violation. They have killed many people in the recent past. Our opposition concerning… pic.twitter.com/cu36P7fTu0
— Press Trust of India (@PTI_News) August 7, 2026
उन्होंने आगे कहा, "हमें अपने हिस्से से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से जो बात करनी होगी, हम कर लेंगे, लेकिन पाकिस्तान को हमारे मामलों में दखल नहीं देना चाहिए."
भारत के विदेश मंत्रालय का जवाब
उमर अब्दुल्ला का यह बयान तब आया, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार ने 5 अगस्त को यौम-ए-इस्तेहसाल यानी शोषण दिवस के रूप में मनायाय इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की टिप्पणियों को खारिज करते हुए उन्हें गलत जानकारी फैलाने और अपने देश के मानवाधिकार रिकॉर्ड से ध्यान हटाने की एक हताश कोशिश बताया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा था कि 5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव भारत का पूरी तरह से अंदरूनी मामला हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं.
विदेश मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान PoJK में लोगों के बुनियादी अधिकारों को दबा रहा है. मंत्रालय ने हाल के प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का भी जिक्र किया. विदेश मंत्रालय ने कहा, "बार-बार राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय पाकिस्तान को PoJK में हो रही हिंसा और खून-खराबे को रोकना चाहिए. उसे अपनी जमीन से चल रहे आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ ठोस, भरोसेमंद और हमेशा के लिए असरदार कदम उठाने चाहिए. साथ ही, भारत के उन इलाकों को तुरंत खाली करना चाहिए, जिन पर उसने गैरकानूनी और जबरन कब्जा कर रखा है."
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म कर दिया था. इसके साथ ही पुराने राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था.
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