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This Article is From Oct 13, 2022

जम्मू-कश्मीर : प्राइवेट स्कूलों के सिक्योरिटी डिपोजिट के नाम पर बड़ी राशि लेने पर FFRC ने लगाया प्रतिबंध

एफएफआरसी ने कहा कि प्राचीन काल से ही शिक्षा का इस्तेमाल बच्चों के विकास और उनके मोरल वैल्यू को विकसित करने के लिए किया जा रहा है. हालांकि, दुर्भाग्य से कुछ लोग "असाध्य लालच के असाध्य रोग से पीड़ित" समाज के नैतिक मूल्यों को नष्ट कर रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर : प्राइवेट स्कूलों के सिक्योरिटी डिपोजिट के नाम पर बड़ी राशि लेने पर FFRC ने लगाया प्रतिबंध
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
श्रीनगर:

जम्मू-कश्मीर में निजी स्कूलों के शुल्क निर्धारण और विनियमन समिति (एफएफआरसी) ने गुरुवार को शैक्षणिक संस्थानों को सिक्योरिटी डिपोजिट, वापसी योग्य निधि या प्रवेश शुल्क के नाम पर भारी धन वसूल करने पर प्रतिबंध लगा दिया. एफएफआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मुजफ्फर हुसैन अत्तर ने कहा कि ज्यादातर माता-पिता, जो एक आवाज रहित वर्ग का गठन करते हैं, "कुछ बड़े" स्कूल की "अवैध, अनैतिक और अनैतिक मांगों" के आगे झुकते हैं. 

बता दें कि एफएफआरसी का आदेश कई स्कूल प्रबंधनों द्वारा कथित तौर पर छात्रों या अभिभावकों से सुरक्षा जमा, वापसी योग्य निधि और कुछ मामलों में प्रवेश शुल्क के रूप में बड़ी राशि का भुगतान करने के लिए कहने की शिकायतों के बाद आया है.

एफएफआरसी अध्यक्ष ने एक आदेश में कहा, “असमान सौदेबाजी की स्थिति के समय में, कुछ स्कूल प्रबंधन कथित रूप से छात्रों से सिक्योरिटी, वापसी योग्य निधि और कुछ मामलों में प्रवेश शुल्क के रूप में भी भारी राशि का भुगतान करने के लिए कहकर अपनी उच्च सौदेबाजी की स्थिति का अनुचित लाभ उठा रहे हैं."

आदेश ने कहा, “इस अनुचित व्यवहार को अपनाने से सामाजिक ताने-बाने को भारी नुकसान होने की संभावना है. एक ओर, कम आमदनी वाले माता-पिता के बच्चे कठोर दुनिया में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर खो देते हैं, और दूसरी ओर, उनमें से कुछ व्यक्ति, जो इन कुछ स्कूलों में अपने बच्चों के प्रवेश के समय भारी राशि का भुगतान करते हैं, वे अवैध तरीकों से इस तरह के पैसे की व्यवस्था कर रहे हैं." 

एफएफआरसी ने कहा कि प्राचीन काल से ही शिक्षा का इस्तेमाल बच्चों के विकास और उनके मोरल वैल्यू को विकसित करने के लिए किया जा रहा है. हालांकि, दुर्भाग्य से कुछ लोग "असाध्य लालच के असाध्य रोग से पीड़ित" समाज के नैतिक मूल्यों को नष्ट कर रहे हैं. "अवैध धन उत्पन्न होता है और बाजार में पंप किया जाता है जिसमें राज्य के आर्थिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की क्षमता होती है."

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