- IRCTC ने देशभर के 800 से ज्यादा किचन में AI कैमरों से खाना बनाने की प्रक्रिया की सख्त निगरानी शुरू की है
- AI सिस्टम गंदगी, हेयरनेट न पहनने, सफाई और कीटों समेत 9 तरह की गलतियों की पहचान करता है
- हर दिन औसतन 350 अलर्ट मिलते हैं, जिनमें से उत्तर क्षेत्र में सबसे ज्यादा 4123 गड़बड़ियों के अलर्ट होते हैं
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी अब और भी बेहतर होगी. IRCTC एआई कैमरों से खाना बनाने वाली किचन पर सख्त निगरानी जो रखे हुए है. निगरानी व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है. इसके लिए बेस किचन में एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है. इसके जरिए देशभर के किचन में बनने वाले खाने की प्रक्रिया की 'राउंड द क्लॉक' निगरानी की जा रही है.
800 से ज्यादा किचन पर 2,394 कैमरों का पहरा
देशभर में IRCTC के 800 से ज्यादा किचन पर 2,394 एआई आधारित कैमरों की नजर है. इसकी निगरानी दिल्ली स्थित केंद्रीय वार रूम से की जा रही है. अब ट्रेनों में मिलने वाले खाने की सफाई पर नजर रखी जा रही है. एआई के जरिए कुल 9 तरह की गड़बड़ियों की पहचान की जा रही है. जिससे खाना अस्वच्छ होने, हेयरनेट और पारदर्शी ग्लव्स पहनने, सफाई और पोंछा लगाने साथ ही चूहे, मक्खी और कॉकरोच की मौजूदगी का पता लगाना शामिल है.

Add image caption here
AI सिस्टम कैसे कर रहा काम?
IRCTC ने किचन में बनने वाले खाने पर नजर रखने के लिए करीब ढाई साल पहले यह व्यवस्था शुरू की थी. इसे अब लगातार बढ़ाया जा रहा है. इसके तहत ज्यादा रसोइयों और ज्यादा तरह की गड़बड़ियों को शामिल किया जा रहा है. IRCTC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किचन में लगे कैमरे एआई तकनीक से जुड़े हैं, जो गंदगी या अस्वच्छ गतिविधियों की तुरंत पहचान कर अलर्ट भेजते हैं. इससे 7-8 मिलीमीटर जितने छोटे कीड़े को भी पकड़ा जा सकता है. जैसे ही कैमरे में कई गड़बड़ी दिखती है तो तुरंत संबंधित किचन मैनेजर को संदेश भेजा जाता है. अगर समय पर सुधार नहीं हुआ, तो मामला आगे बढ़ाया जाता है. आमतौर पर दो घंटे के भीतर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है.
अधिकारी ने बताया कि किचन में सफाई संबंधी सबसे आम उल्लंघन है खाना बनाते समय हेयरनेट नहीं पहनना. कैमरे से हर दिन औसतन लगभग 350 अलर्ट मिलते हैं. पिछले एक महीने में कुल 13,550 अलर्ट मिले, जिनमें से उत्तरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 4,123, पूर्वी क्षेत्र 3,205, पश्चिमी क्षेत्र में 2,687, दक्षिण मध्य क्षेत्र में 2,226 और दक्षिणी क्षेत्र 1,309 दर्ज किए गए.

छोटी लापरवाही पर भी कैमरे की नजर
वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि किचन के लिए सबसे मुश्किल दौर होता है मौसम बदलने वाला सम. इस दौरान खाने की क्वालिटी सबसे ज्यादा प्रभावित होती है. सबसे ज्यादा शिकायतें भी इसी समय मिलती हैं. सिस्टम हर दिन करीब 350 टिकट बनाता है, लेकिन इसमें लगभग 10% मामलों में गलत अलर्ट भी आ जाते हैं. कई बार एआई ऐसी गलती पकड़ लेता है, जो वास्तव में होती ही नहीं. उदाहरण के लिए अगर कोई रसोइया हेयरनेट पहने हुए है, लेकिन वह थोड़ा ऊपर खिसका हुआ है, तो एआई सिस्टम उसे नियम उल्लंघन मान लेता है, क्योंकि उसे उसी तरह प्रोग्राम किया गया है.
ये भी पढ़ें- वंदे भारत के खाने से बिगड़ी महिला की तबीयत! बच्चे को हुआ डायरिया, शिकायत पर IRCTC ने दिया ये जवाब
18 लाख यात्रियों को भोजन प्रतिदिन हो रहा सर्व
IRCTC के मुताबिक, अब भारतीय रेलवे नेटवर्क पर सालाना करीब 60 करोड़ यात्रियों तक खाना पहुंचाया जा रहा है. मार्च 2026 तक, 16 लाख खाना प्रतिदिन यात्रियों तक पहुंचाया जा रहा था, जो अब 18 लाख प्रतिदिन के आंकड़े पर पहुंच चुका है. अभी फिलहाल करीब 1453 ट्रेनों में कैटरिंग सेवाएं चल रही हैं, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें शामिल हैं. इसके अलावा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों और ट्रेन साइड वेंडिंग सेवाओं में भी खाना मुहैया कराया जा रहा है.
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद रियल टाइम कंप्लायंस, क्वालिटी कंट्रोलऔर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित खाने की सुविधा मिल सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह हाईटेक वार रूम रेलवे सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और यात्री संतुष्टि बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा.

IRCTC की सख्ती
बता दें कि बीते दिनों रेल मंत्रालय ने पटना-टाटानगर वंदे भारत ट्रेन में खराब क्वालिटी का दही परोसने के लिए IRCTC पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. साथ ही, ट्रेन में खाने की आपूर्ति करने वाली कंपनी पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया. इस मामले में IRCTC ने भी कड़ा रूख अपनाते हुए कंपनी से जवाब मांगा है.
रेल मंत्रालय द्वारा जुलाई 2025 में राज्यसभा में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच सालों से भोजन धी 19,000 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं. इनमें से 3,137 मामलों में जुर्माना लगाया गया. आंकड़ों के मुताबिक, संख्या 2023-24 में 7,026 से घटकर 2024-25 में 6,645 हो गई है, लेकिन यह साल 2021 में दर्ज 253 शिकायतों की तुलना में काफी ज्यादा है.
ये भी पढ़ें- 4 साल बाद कांगड़ा घाटी नैरोगेज रेल सेवा यात्रियों के लिए फिर से हुई शुरू, जानिए टाइमिंग समेत जरूरी डिटेल्स
ये भी पढ़ें- IRCTC ने यात्रियों के लिए शुरू की नई सुविधा, एक QR कोड से पता चल जाएगा खाना कितना है पुराना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं