- ईरान में युद्ध तीन हफ्ते से जारी है और अमेरिका ने पांच दिनों तक हमले रोकने की घोषणा की है
- भारत सरकार ने ईरान युद्ध पर सर्वदलीय बैठक संसद भवन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुलाई है
- बैठक में एस जयशंकर और हरदीप पुरी युद्ध के भारत पर प्रभाव और कूटनीति पर प्रस्तुति देंगे
ईरान में युद्ध शुरू हुए तीन हफ्ते से ज्यादा हो गए लेकिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से फिलहाल ईरान के कुछ ठिकानों पर 5 दिनों तक हमला रोकने की घोषणा की गई है लेकिन अभी भी रह-रह कर दोनों तरफ से हमले हो रहे हैं. ऐसे में भारत की अपनी चिंताएं हैं जिसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों में बयान भी दिया है.
इस मुद्दे पर अब केंद्र सरकार की तरफ से एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. बैठक बुधवार शाम 5 बजे संसद भवन में बुलाई गई है. बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. बैठक में राजनाथ सिंह के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू भी शामिल होंगे. इसके अलावा विदेश सचिव विक्रम मिस्री के भी बैठक में शरीक होने की संभावना है. विपक्ष ने पहले ही सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी.
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किन पार्टियों को मिला न्योता?
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के लिए अभी तक केवल उन्हीं दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है जिनके लोकसभा या राज्यसभा में 5 या उससे ज्यादा सांसद हों. बैठक में सरकार की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी एक प्रेजेंटेशन दे सकते हैं, जिसमें इस युद्ध के भारत पर पड़ने वाले असर के बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा भारत की ओर से की जा रही कूटनीतिक कोशिशों का भी लेखा-जोखा दिया जाएगा.
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कई देशों के राष्ट्र प्रमुखों से PM की बात
पिछले तीन दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस युद्ध से जुड़े कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है. आज शाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन करके मोदी से बात की. बातचीत में मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने और होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने और सबके लिए खोलने पर जोर दिया. ट्रंप से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले ही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से भी बात की थी. इसके अलावा कई खाड़ी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी मोदी बात कर चुके हैं.
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राहुल गांधी समेत विपक्ष हमलावर
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बार बार सरकार पर विदेश नीति में फेल होने का आरोप लगा रहे हैं. मंगलवार को भी उन्होंने संसद में सीधे प्रधानमंत्री पर अपना आरोप दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अमेरिका और इजराइल के इशारे पर काम कर रहे हैं. विपक्ष की ओर से ईरान युद्ध और उससे भारत पर लड़ने वाले असर को लेकर लोकसभा में नियम 193 के तहत बहस करवाए जाने की मांग भी रखी है जिसपर अभी फैसला लिया जाना बाकी है.
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