विज्ञापन
This Article is From Dec 05, 2025

इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें ठप, फिर भी टिकटों की बुकिंग क्यों जारी? जान लीजिए जवाब

इंडिगो डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल रूट्स पर रोजाना 2200 से ज्यादा उड़ानें संचालित करता है. उसे अकेले शुक्रवार को ही 1000 से ज्यादा फ्लाइट रद्द करनी पड़ी हैं.

इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें ठप, फिर भी टिकटों की बुकिंग क्यों जारी? जान लीजिए जवाब

महासंकट में घिरी देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो शुक्रवार को एक हजार से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर चुकी है. उड़ानें ठप होने से तमाम हवाई अड्डों पर यात्री परेशान हैं. इसके बावजूद इंडिगो एयरलाइंस अभी तक टिकट बेच रही है. क्यों? लोग ये भी सवाल उठा रहै हैं कि जिन रूट्स पर ज्यादातर उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, वहां हवाई किराए इतने ज्यादा क्यों हैं? 

इंडिगो की पूरी फ्लीट ग्राउंड नहीं है

इसका एक सीधा जवाब ये हो सकता है कि अभूतपूर्व संकट के बावजूद इंडिगो ने अपनी पूरी फ्लीट को ग्राउंड नहीं किया है. इंडिगो रोजाना डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल रूट्स पर रोजाना 2200 से ज्यादा उड़ानें संचालित करता है. शेड्यूल संबंधी दिक्कतों के चलते शुक्रवार का दिन इंडिगो के लिए सबसे भारी साबित हुआ. शुक्रवार को 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. दिल्ली एयरपोर्ट पर तो सभी डॉमेस्टिक डिपार्चर फ्लाइट सेवाएं ठप हो गईं. कुछ हवाई अड्डों पर समस्या गंभीर हुई. हालांकि कोलकाता-गुवाहाटी और चेन्नई-कोयंबटूर जैसे कुछ सेगमेंट्स और नॉन मेट्रो शहरों की उड़ानें फंक्शनल रहीं, भले ही कम संख्या में या देरी से उड़ीं. ऐसे में इंडिगो में इन फ्लाइट्स के लिए टिकटों की बुकिंग चालू है. 

स्थिति ठीक होने की उम्मीद में बुकिंग

एक तथ्य ये भी है कि एयरलाइंस हफ्तों पहले से किसी फ्लाइट को कैंसल नहीं करती हैं, जब तक कि पूरी तरह शटडाउन न हो जाए. इंडिगो के मामले में फ्लाइटें रद्द करने का फैसला हर दिन की स्थिति देखकर उसी दिन लिया जा रहा है. इसका मतलब ये कि भले ही आज की फ्लाइट रद्द हो गई हो, लेकिन 2-3 दिन आगे की उड़ानों की टिकट बुकिंग इस सोच के साथ की जा रही है कि तब तक स्थिति ठीक हो जाएगी. 

टिकट क्यों हुई महंगी, ये है वजह

अब इस सवाल का जवाब कि फ्लाइटें रद्द होने वाले रूट्स पर टिकट महंगी क्यों हो रही हैं. इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस है. कई अनुमान बताते हैं कि डॉमेस्टिक कमर्शल एविएशन मार्केट के लगभग 60 फीसदी हिस्से पर उसका कब्जा है. ऐसे में बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द होने से किसी खास रूट पर हवाई सीटों की संख्या भले ही कम हो गई हो, लेकिन डिमांड कम नहीं हुई. 

Add image caption here

डिमांड-सप्लाई का खेल जेब पर भारी

डिमांड और सप्लाई के इसी अंतर और डायनामिक प्राइसिंग की वजह से एयरलाइंस की टिकटें बेतहाशा बढ़ गई हैं. एक समय हालत ये हो गई है दिल्ली-मुंबई की एक तरफ की टिकट 50 हजार रुपये और दिल्ली-बेंगलुरू की टिकट के दाम एक लाख रुपये तक पहुंच गए थे. बेंगलुरू-मुंबई फ्लाइट की टिकट जो आमतौर पर 7 हजार रुपये में मिलती है, उसकी कीमत 40 हजार तक हो गई थी. यही वजह रही कि दिल्ली से लंदन की टिकट इससे कहीं सस्ते में मिल रही थी. लोगों का कहना है कि ऐसे संकट के समय सरकार को डायनामिक प्राइसिंग को रुकवा देना चाहिए. 

रद्द उड़ानों में भी क्यों हो रही टिकट बुकिंग?

कुछ यात्रियों ने ये सवाल भी उठाया कि जिन फ्लाइट्स को इंडिगो की तरफ से रद्द करने की घोषणा हो चुकी है, उनमें भी बुकिंग क्यों हो रही थी. इसका जवाब थोड़ा तकनीकी है. दरअसल, एयरलाइंस के सिस्टम में किसी उड़ान को तभी रद्द मार्क किया जाता है, जब फ्लाइट क्रू को री-असाइन नहीं किया जाता या एयरक्राफ्ट का रोटेशन फेल नहीं हो जाता. जब तक फ्लाइट उड़ने की थोड़ी भी उम्मीद रहती है, तब तक एयरलाइंस का सिस्टम टिकटों की बुकिंग करता रहता है. पूरी दुनिया में यही स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल है. 

ये भी देखें - इंडिगो ने बढ़ाई टेंशन तो यात्रियों के लिए रेलवे बना सहारा, कर दिया ये खास ऐलान

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Indigo Crisis, IndiGo Flights Cancellation, Air Tickets Costlier
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com