- ईरान में खामेनेई की सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन जारी हैं जिनमें पांच सौ से अधिक लोग मारे गए हैं
- प्रदर्शनकारियों की संख्या और मृतकों की सही संख्या से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है
- अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के तनाव को लेकर सैन्य विकल्प समेत कई विकल्पों पर विचार करने की बात कही है
ईरान की सड़कों पर इस समय सैयद अली हुसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामी सरकार के विरोध में जबरदस्त हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. इन हिंसक प्रदर्शन में 538 लोगों की जान जा चुकी है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें ईरान पर टिकी हुई हैं. ऐसी भी खबरें सुनने को मिलीं कि ईरान की सड़कों पर खामेनेई के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में भारतीय भी शामिल हुए और इनमें से कुछ को हिरासत में लिया गया है. क्या वाकई ईरान में भारतीयों को हिरासत में लिया गया है?
अमेरिका तलाश रहा विकल्प, ईरान ने दी चेतावनी
ईरान में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इस्लामिक देश में बढ़ते तनाव से निपटने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें सैन्य विकल्प भी शामिल हैं. ऐसी खबरें हैं कि तेहरान में देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में 500 से अधिक लोग मारे गए हैं. वहीं दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका तेहरान में सैयद अली हुसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामी सरकार के खिलाफ देश में बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए बल का प्रयोग करता है, तो अमेरिकी सेना और इजरायल 'हमारे टारगेट' होंगे, जिसे गलत नहीं कहा जा सकता.
ईरान में अब तक कितने मारे गए
ईरान में देशव्यापी प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई में कम से कम 538 लोग मारे गए हैं और कार्यकर्ताओं के अनुसार, मरने वालों की संख्या इससे भी अधिक होने की आशंका है. एसोसिएटेड प्रेस ने अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि दो सप्ताह से चल रहे प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. अमेरिकी समाचार एजेंसी ईरान से हाल के वर्षों में सटीक रिपोर्ट देती रही है, क्योंकि यह जानकारी की पुष्टि के लिए मध्य पूर्व में स्थित अपने समर्थकों पर निर्भर करती है. एजेंसी ने बताया कि मृतकों में 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के जवान थे. ईरान सरकार ने हताहतों की कुल संख्या जारी नहीं की है.
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क्या ईरान में किसी भारतीय को गिरफ्तार किया गया?
भारत में ईरानी राजदूत ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने छह भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है. ईरानी राजदूत ने साथ ही लोगों से जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है. एक्स पोस्ट में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा, 'कुछ विदेशी X खातों पर ईरान के घटनाक्रमों के बारे में जारी खबरें पूरी तरह से झूठी हैं. मैं सभी इच्छुक लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे विश्वसनीय स्रोतों से ही खबरें हासिल करें.'
The news circulated on some foreign X accounts about Iran's developments, is totally false. I request all interested people to get their news from the reliable sources. pic.twitter.com/mZpxZVYBXR
— Iran Ambassador Mohammad Fathali (@IranAmbIndia) January 11, 2026
ईरान में विरोध प्रदर्शन
ईरान के अपदस्थ शाह (राजा) के पुत्र रजा पहलवी ने देश में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा बलों से 'जनता के साथ खड़े रहने' का आग्रह किया है. ईरान में इंटरनेट और फोन लाइनें ठप होने के कारण प्रदर्शनों की स्थिति का अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो गया है. विदेशों में रहने वाले लोगों को डर है कि सूचना पर लगी रोक ईरान की सुरक्षा सेवाओं के भीतर मौजूद कट्टरपंथियों को हिंसक दमन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. ईरान से भेजे गए ऑनलाइन वीडियो, जो संभवतः स्टारलिंक उपग्रह ट्रांसमीटरों का उपयोग करके बनाए गए थे, में कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को उत्तरी तेहरान के पुनाक इलाके में इकट्ठा होते हुए दिखाया गया है.
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