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नेपाल की गाड़ियों को भारत में तेल नहीं मिलने पर बवाल, नेपाल की महिला नेता ने PM Modi को याद दिलाई मित्रता

भारत के पेट्रोल पंप संचालकों ने नेपाल से आ रहे वाहनों को पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया है. जिससे नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में परिवह से लेकर कृषि कार्य और व्यवसाय सभी प्रभावित हुआ है. (सुपौल से अभिषेक मिश्रा की रिपोर्ट)

नेपाल की गाड़ियों को भारत में तेल नहीं मिलने पर बवाल, नेपाल की महिला नेता ने PM Modi को याद दिलाई मित्रता
नेपाल की महिला नेता ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इन दिनों ईंधन को लेकर नई परेशानी खड़ी हो गई है. नेपाल में पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों के बीच बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भारतीय पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन अब सीमावर्ती भारतीय पंपों पर उन्हें तेल देने से मना किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इस स्थिति ने आम लोगों, खासकर सीमावर्ती जिलों के निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर डाला है.

भारत से तेल नहीं मिलने पर नेपाल में हाहाकार

नेपाल के सप्तरी जिले के तिरहुत गांव पालिका निवासी गोपाल गुप्ता और राजविराज बाजार निवासी राम नारायण यादव ने बताया कि नेपाल में ईंधन की कीमतें बढ़ने के बाद वे सस्ते तेल के लिए भारतीय सीमा में स्थित पेट्रोल पंपों पर आते थे. लेकिन हाल के दिनों में पंप संचालकों द्वारा नेपाली नागरिकों को ईंधन देने से इनकार किया जा रहा है, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि यह स्थिति परिवहन, कृषि कार्य और छोटे व्यवसायों को प्रभावित कर रही है.

इस बीच, नेपाल की महिला नेता ममता शर्मा ने इस मुद्दे को लेकर भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को एक खुला पत्र लिखा है. उन्होंने अपने पत्र में भारत-नेपाल के ऐतिहासिक और मित्रतापूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए सीमावर्ती नागरिकों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है.

पीएम मोदी को पत्र लिखकर नेपाल की मंत्री ने क्या कहा

पत्र में ममता शर्मा ने लिखा है कि एशिया महाद्वीप में कई विकासशील देश हैं, जिनमें नेपाल भी शामिल है, जहां आम नागरिकों पर बढ़ती महंगाई का सीधा प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि नेपाल अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मुख्यतः पड़ोसी देशों पर निर्भर है, ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से आम लोगों का जीवन और कठिन होता जा रहा है. विशेष रूप से डीजल की कीमतों का पेट्रोल के बराबर या उससे अधिक हो जाना कृषि और परिवहन क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है.

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में लागू कर नीतियों और सीमा से जुड़े नियमों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है. हालांकि नियमों का पालन आवश्यक है, लेकिन जमीनी स्तर पर नागरिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अधिक व्यावहारिक और मानवीय समाधान की जरूरत है.

पत्र में आगे कहा गया है कि भारत और नेपाल के संबंध सदियों पुराने हैं और दोनों देशों के बीच खुली सीमा और लोगों का सहज आवागमन इस रिश्ते की सबसे बड़ी विशेषता है. ऐसे में ईंधन जैसे आवश्यक संसाधन को लेकर उत्पन्न हो रही समस्याएं दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच असहजता पैदा कर सकती हैं.

ममता शर्मा ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वे इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दें, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सके. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाने से भारत-नेपाल के बीच आपसी सहयोग और विश्वास और मजबूत होगा.

स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सीमावर्ती भारतीय इलाकों के कुछ पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना पड़ता है, जबकि नेपाली नागरिकों का कहना है कि इस तरह की पाबंदियों से उनकी मुश्किलें और बढ़ रही हैं.

फिलहाल, यह मामला दोनों देशों के प्रशासन और नीति-निर्माताओं के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है. यदि समय रहते कोई संतुलित समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका असर न केवल सीमावर्ती व्यापार और आवागमन पर पड़ेगा, बल्कि आम जनता के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है.

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