वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
- इस रैंकिंग पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि पिछले कुछ सालों से इस सूची में भारत की रैंकिंग 130 से 140 के आसपास रहती थी.
- 2014 में हमारी रैंकिंग 142 थी, जबकि पिछले साल 130वीं रैंकिंग थी. इस साल हमने 30 पायदानों की छलांग लगाई है.
- जेटली ने कहा कि हम लगातार उन सभी मानदंडों में सुधार की कोशिश करते रहे हैं, जिसे व्यापार सुगमता के लिहाज से जरूरी समझा जाता है.
- वर्ल्ड बैंक ने ऐसे कुछ चुनिंदा देशों के ही नाम लिए हैं, जिन्होंने इस लिहाज से उल्लेखनीय प्रगति की है.
- जेटली ने कहा कि भारत एकमात्र बड़ा देश है, जिसका नाम विश्व बैंक की ताजा व्यापार सुगमता रिपोर्ट में संरचनात्मक सुधारों को लागू करने में लिया गया है.
- जेटली ने कहा कि भारत कारोबार सुगमता रैंकिंग में शीर्ष 50 देशों में शामिल हो सकता है.
- उन्होंने कहा कि भारत ने कारोबार सुगमता में सबसे बड़ा उछाल टैक्स रिफॉर्म क्राइटेरिया में दर्ज किया है
- वर्ल्ड बैंक की इस रैंकिंग में न्यूजीलैंड टॉप पर है, जबकि सिंगापुर का स्थान दूसरा है. डेनमार्क तीसरे पायदान पर है.
- अगर पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान की रैंकिंग 147 और बांग्लादेश की 177 है.
- इस सूची में सबसे निचले स्थान पर सोमालिया है.
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