वेब सीरीज 'तांडव' के मामले में अमेजान की इंडिया हेड अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तांडव वेब सीरीज को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाने वाली अमेजन सेलर प्राइवेट लिमिटेड की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया

वेब सीरीज 'तांडव' के मामले में अमेजान की इंडिया हेड अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं

वेब सीरीज तांडव के केस को लेकर अमेजान की इंडिया हेड सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं.

नई दिल्ली:

वेब सीरीज 'तांडव' (Tandava) के मामले में अमेजान (Amazon) की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है. पुरोहित ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट बुधवार को मामले की सुनवाई करेगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तांडव वेब सीरीज को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाने वाली अमेजन सेलर प्राइवेट लिमिटेड की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि व्यक्ति की अभिव्यक्ति की आजादी बहुसंख्यक लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के मूल अधिकारों का हनन नहीं कर सकती.

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने अमेजन की भारत में शीर्ष अधिकारी अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत के आवेदन को खारिज कर दिया है. वेब सीरीज तांडव के निर्माताओं के खिलाफ यूपी पुलिस की ओर से नोएडा में दर्ज FIR को लेकर यह अर्जी दाखिल की गई थी. अपर्णा पर धार्मिक वैमनस्‍य को बढ़ावा देने और पूजास्‍थल की छवि खराब करने का आरोप है.
 
अपर्णा को एक अन्‍य केस में गिरफ्तारी से संरक्षण मिला हुआ है. यह केस पुलिस ने लखनऊ में दायर किया था. मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अन्‍य जज ने तीन दिन पहले संरक्षण की अवधि को 9 मार्च तक बढ़ा दिया था. 

नोएडा मामले में अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस सिद्धार्थ ने अपने 20 पेज के आदेश में कहा, 'आवेदक का व्‍यवहार दिखाता है कि उसका देश के कानून के प्रति नाममात्र का सम्‍मान है और उसका व्‍यवहार उसे कोर्ट से किसी तरह की राहत का हकदार नहीं बनाता. अदालत ने न सिर्फ अपर्णा पुरोहित को कोई भी राहत देने से इनकार किया, बल्कि 'तांडव' वेब सीरीज के कंटेंट को लेकर अपनी नाराज़गी जताते हुए टिप्पणियां भी कीं. 

अदालत ने कहा है कि कला और अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर बहुसंख्यक लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के मूल अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता है. खुद को मिले अधिकार की आड़ में देवी-देवताओं का मज़ाक उड़ाकर या फिर अपमान कर लोगों की भावनाओं को कतई ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती. अदालत ने अपने फैसले में माना  कि 'तांडव' वेब सीरीज़ में तमाम डायलॉग और सीन आपत्तिजनक हैं. यह लोगों की भावनाओं को आहत करने वाले हैं. कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि बहुसंख्यक लोगों के मूल अधिकारों का हनन करने वालों को अपने अधिकार की रक्षा की मांग करने का कोई हक़ नहीं है.  

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गौरतलब है कि विवादास्पद वेब सीरीज ''तांडव'' में हिंदू देवी-देवताओं के प्रति कथित आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने के आरोप में दर्ज केस के सिलसिले में अपर्णा ने लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में अपना बयान दर्ज कराया था. तांडव वेब सीरीज में हिंदू देवी देवताओं का कथित रूप से अपमानजनक चित्रण किए जाने के आरोप में हजरतगंज कोतवाली में भी अपर्णा पुरोहित के साथ-साथ सीरीज के निर्देशक अली अब्बास, निर्माता हिमांशु कृष्ण मेहरा और लेखक गौरव सोलंकी तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. नौ कड़ियों की राजनीतिक थ्रिलर वेब सीरीज ''तांडव'' में सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और जीशान अय्यूब मुख्य भूमिका में हैं.