अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ओमान तट के पास भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हमले की भारत सरकार ने कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे "अस्वीकार्य" करार दिया है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी करके खाड़ी में व्यापारिक जहाजों और असैन्य नाविकों पर हो रहे लगातार हमलों पर गहरी चिंता जताई. इधर सरकार ने राहत की खबर देते हुए बताया कि एलपीजी से भरे दो टैंकरों ने सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है और भारत की तरफ बढ़ रहे हैं.
हमले के बाद डूब गया MSV हाजी अली
सरकार ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि गुजरात का मालवाहक जहाज MSV हाजी अली 13 मई को सोमालिया के बरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था. ओमान के जलक्षेत्र से गुजरने के दौरान उसे ड्रोन या मिसाइल जैसे प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया था. इस हमले से जहाज में आग लग गई और वह डूब गया. सरकार की तरफ से बताया गया कि जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित हैं. इसके लिए सरकार ने ओमान के अधिकारियों का आभार जताया.
Our statement on the attack on an Indian-flagged ship off the coast of Oman ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 14, 2026
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जहाजों, नाविकों पर निशाना बनाना सही नहीं
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस घटना की निंदा की और कहा कि व्यावसायिक जहाजों और निर्दोष क्रू मेंबर्स को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि आवाजाही और व्यापार की आजादी में बाधा डालने वाले ऐसे प्रयासों से बचा जाना चाहिए.
LPG से भरे 2 टैंकरों ने पार किया होर्मुज
हॉर्मुज स्ट्रेट ठप होने से गहराए तेल-गैस संकट के बीच राहत की खबर देते हुए पेट्रोलियम एवं शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी लेकर आ रहे दो बड़े टैंकरों ने होर्मुज पार कर लिया है. मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने गुरुवार को संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इनमें एक जहाज सहमी (Sehmi) है. मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस जहाज पर 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी है. इसने 13 मई को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है. इस पर चालक दल के 21 विदेशी सदस्य सवार हैं. उम्मीद है कि यह 16 मई तक गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पहुंच जाएगा.
पहला जहाज 16 को, दूसरा 18 को पहुंचेगा
एलपीजी लेकर आ रहा दूसरा जहाज एनवी सनशाइन (NV Sunshine) है, जिस पर वियतनाम का झंडा लगा है. इस जहाज की क्षमता और भी अधिक है और यह 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो के साथ भारत तरफ ओर बढ़ रहा है. इस पर 24 चालक दल के विदेशी सदस्य सवार हैं. इसने 14 मई को संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था. इसके 18 मई तक कर्नाटक के न्यू मंगलौर बंदरगाह पहुंचने की संभावना है.
देश में तेल-एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट को लगभग 75 दिन हो चुके हैं. इसकी वजह से कच्चे तेल, एलपीजी, एलएनजी का आयात प्रभावित हुआ है. इस संकट का असर कम करने के लिए भारत सरकार ने कई कदम उठाए हैं. इनकी वजह से भारत में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. एलपीजी उत्पादन भी बढ़ा है. उन्होंने बताया कि किसी भी एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर पर गैस की कमी रिपोर्ट नहीं की गई है.
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