विज्ञापन

अमेरिका और चीन नहीं चाहते हैं कि ईरान के पास हों परमाणु हथियार, ह्वाइट हाउस का दावा

चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद जारी साझा बयान में दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की मांग की है.

अमेरिका और चीन नहीं चाहते हैं कि ईरान के पास हों परमाणु हथियार, ह्वाइट हाउस का दावा
नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर हैं. उन्होंने गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इसके बाद जिनपिंग ने ट्रंप के सम्मान में भोज का आयोजन किया. इसमें शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका महान राष्ट्र हैं. उन्होंने कहा कि चीनी के पुनरुत्थान को हासिल करना और अमेरिका को फिर से महान बनाना साथ-साथ चल सकता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार बनना चाहिए. वहीं ट्रंप ने अपने भाषण में शी जिनपिंग को अपना दोस्त बताते हुए संबोधित किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अमेरिका की स्थापना के समय से ही चले आ रहे हैं. यह दोनों नेताओं की गुरुवार को हुई दूसरी मुलाकात थी. भोज से पहले भी दोनों नेताओं ने मुलाकात की थी. इसके बाद एक साझा बयान जारी किया गया था.शुक्रवार को भी दोनों नेताओं बीच आमने-सामने की बैठक होंगी.

क्या ईरान के पास होने चाहिए परमाणु हथियार

शी और ट्रंप की मुलाकात के बाज जारी संयुक्त बयान में ताइवान का कोई जिक्र नहीं है. दरअसल ताइवान चीन और अमेरिका के संबंधों में टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा है. साझा बयान के मुताबिक चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का समर्थन किया है. इसमें कहा गया है कि इससे होकर गुजरने के लिए कभी कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए.बयान के मुताबिक दोनों इस बात पर भी सहमत थे कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए.

ईरान के पास परमाणु हथियारों को लेकर जारी बयान की खबर अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय सह आवास ह्वाइट हाउस ने भी दी है. ह्वाइट हाउस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत थे कि तेल के निर्बाध आवागमन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना जरूरी है. राष्ट्रपति शी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के सैन्यीकरण और उसके उपयोग के लिए किसी तरह का शुल्क वसूले जाने पर भी अपना विरोध भी जताया. ह्वाइट हाउस ने इसके साथ यह भी कहा है कि चीनी राष्ट्रपति ने निकट भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से और तेल खरीदने में रुचि दिखाई है. ह्वाइट हाउस के मुताबिक दोनों पक्ष इस बात के लिए ही सहमत थे कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए.

ये भी पढ़ें: शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को क्यों याद आया वर्ल्ड वॉर 2

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com