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This Article is From Jul 26, 2018

पाकिस्‍तान में अबकी बार इमरान सरकार? हाफिज सईद को करारा झटका, 10 बातें

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिनमें से 272 को सीधे तौर पर चुना जाता है जबकि शेष 60 सीटें महिलाओं और 10 सीटें धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं.

पाकिस्‍तान में अबकी बार इमरान सरकार? हाफिज सईद को करारा झटका, 10 बातें
पाकिस्तान में चुनाव प्रचार के दौरान इमरान खान.
नई दिल्ली:
  1. पाकिस्तान चुनाव में 26/11 हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफ़िज़ सईद को करारा झटका लगा है. रुझानों में हाफ़िज़ की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग को एक भी सीट पर बढ़त नहीं मिली है. हाफ़िज़ ने 265 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे.
  2. प्रधानमंत्री पद तक के लिए इमरान खान का सफर उतार-छड़ाव वाला रहा..अपने शुरुआती दिनों में एक शानदार क्रिकेटर से जानी मानी हस्ती, और अब एक ऐसा शख्स जो मज़हबी रूढिवादी है, करप्शन के खिलाफ लड़ रहा है. विपक्षी उनको तालिबान खान कहते हैं, वो Islamic Welfare state का वादा कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि उनकी पार्टी को अमेरिका से घोषित उन आतंकवादियों का समर्थन है जो अल कायदा से जुड़े रहे हैं.  वो तालिबान से सहानुभूति रखते हैं और उनको पख्तून नेता कहते हैं.
  3. पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की की निजी ज़िंदगी भी विवादों से भरी रही है. इमरान खान की पहली शादी ब्रिटेन के एक अरबपति की बेटी जेमिमा से हुई थी जो तकरीबन 9 साल चली. जेमिमा से इमरान के 2 बेटे हैं. उनकी दूसरी शादी 2015 में एक टीवी एंकर रेहम खान से हुई जो महज़ 10 महीने ही चल सकी. इस शादी को लेकर काफी विवाद खड़े हुए. रेहम खान एक किताब लिख रही हैं जिसमें इमरान के कई अवैध रिश्तों और औलादों का दावा किया गया है.
  4. आम चुनावों के लिए मतदान शुरू होने के कुछ घंटे बाद इस्लामिक स्टेट के एक फिदाइन हमलावर ने बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के भोसा मंडी इलाके के एक मतदान केंद्र के बाहर विस्फोट में खुद को उड़ा लिया. इस हमले में कई पुलिसकर्मियों सहित 31 लोग मारे गए. पुलिस ने बताया कि चुनाव से जुड़ी हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में चार लोग मारे गए. कई मतदान केंद्रों के बाहर प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के बीच झड़पें हुईं. 
  5. पाकिस्तान के 70 साल के इतिहास में यह चुनाव सत्ता का दूसरा लोकतांत्रिक परिवर्तन है. आधिकारिक तौर पर मतदान केंद्र सुबह आठ बजे से शुरू हुए लेकिन उत्साही नागरिक सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों के बाहर कतारों में खड़े नजर आए थे. पाकिस्तानी थलसेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने रावलपिंडी में मतदान किया. पीएमएल - एन की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार शाहबाज शरीफ लाहौर में वोट डालने वाले शुरुआती वोटरों में शामिल थे. पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी, सिंध प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री मुराद अली शाह , एमक्यूएम - पी के नेता फारूक सत्तार , पाक सरजमीं पार्टी के अध्यक्ष मुस्तफा कमाल , पीटीआई के प्रमुख इमरान खान , पीपीपी के सह - अध्यक्ष बिलावल भुट्टो और जेयूआई - एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने भी अपने - अपने चुनाव क्षेत्रों में वोट डाले थे. 
  6. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिनमें से 272 को सीधे तौर पर चुना जाता है जबकि शेष 60 सीटें महिलाओं और 10 सीटें धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं. आम चुनावों में पांच फीसदी से ज्यादा वोट पाने वाली पार्टियां इन आरक्षित सीटों पर समानुपातिक प्रतिनिधित्व के हिसाब से अपने प्रतिनिधि भेज सकती हैं. कोई पार्टी तभी अकेले दम पर सरकार बना सकती है जब उसे 172 सीटें हासिल हो जाए. 
  7. चुनाव आयोग के मुताबिक, नेशनल असेंबली की 272 जनरल सीटों के लिए 3,459 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. जबकि चार प्रांतीय विधानसभाओं - पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर - पख्तूनख्वा- की 577 जनरल सीटों के लिए 8,396 उम्मीदवार मैदान में हैं. इन चुनावों में 30 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे.
  8. अफगानिस्तान से सटे पाकिस्तान के रूढ़िवादी कबायली जिले अपर डीर की महिलाओं ने पहली बार चुनावों में वोट डाला था. 1970 के दशक में पाकिस्तान के पहले आम चुनावों के बाद से अब तक अपर डीर की महिलाएं सांस्कृतिक रूढ़ियों के कारण वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित थीं. पाकिस्तान चुनाव आयोग ने कहा था कि उन चुनाव क्षेत्रों में मतदान अमान्य करार दे दिया जाएगा जहां महिलाओं को वोट डालने से रोका जाएगा. 
  9. एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस ने आज पेशावर में ट्रांसजेंडर पर्यवेक्षकों के एक समूह को मतदान केंद्रों में दाखिल नहीं होने दिया था जबकि पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने उन्हें मतदान केंद्रों में जाकर पर्यवेक्षण करने की अनुमति दे रखी थी. दि एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 ट्रांसजेंडर पर्यवेक्षकों ने चुनाव आयोग से अपनी परेशानी बताई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. लाहौर में कुछ ट्रांसजेंडर वोटरों को वोट डालने से रोके जाने की घटनाएं सामने आईं थी. पर्यवेक्षकों ने आरोप लगाया कि ट्रांसजेंडर इलेक्शन डे ऑब्जर्वर नाम के उनके संगठन को सुरक्षा बलों ने अफगान कॉलोनी में रोक दिया जबकि उनके पास चुनाव आयोग की ओर से जारी मान्यता कार्ड थे. उन्होंने कहा कि समूचे पेशावर में उन्हें मतदान केंद्रों में प्रवेश नहीं करने दिया गया. 
  10. यह चुनाव पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए काफी महत्वपूर्ण है. भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था और मौजूदा समय में वह और उनकी बेटी मरयम भ्रष्टाचार के आरोप में जेल की सजा काट रहे हैं. मुख्य मुकाबला शाहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), बिलावल भुट्टो जरादारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बीच है.
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