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IAS अधिकारी और महिला अफसर के बीच तीखी बहस, जम्मू-कश्मीर से वीडियो वायरल

जम्मू-कश्मीर में वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन और JKAS अधिकारी बीनिश वानी के बीच बहस का वीडियो वायरल हो गया है. महिला अधिकारी ने वीडियो को वास्तविक बताया है, जबकि IAS अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम का संदर्भ देखने की अपील करते हुए विवादित टिप्पणी पर खेद जताया है.

IAS अधिकारी और महिला अफसर के बीच तीखी बहस, जम्मू-कश्मीर से वीडियो वायरल
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जम्मू-कश्मीर में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी और महिला JKAS अधिकारी के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में जम्मू कश्मीर के श्रम एवं रोजगार विभाग के सचिव कुमार राजीव रंजन कथित तौर पर एक महिला अधिकारी पर भड़कते और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं. जानकारी के अनुसार, यह घटना मिशन युवा की समीक्षा बैठक के दौरान हुई, जिसमें विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जा रही थी. वायरल वीडियो में सचिव कुमार राजीव रंजन और सहायक निदेशक रोजगार बीनिश वानी के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई देती है. आरोप है कि बहस के दौरान वरिष्ठ अधिकारी ने आपा खो दिया और महिला अधिकारी के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया.

'मैं आपका बॉस हूं...', वीडियो से बढ़ा विवाद

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही क्लिप में सचिव कथित तौर पर महिला अधिकारी को फटकार लगाते हुए खुद को उनका बॉस बताते सुनाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आते ही प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई लोगों ने इसे महिला अधिकारी की गरिमा से जुड़ा मामला बताया है.

बीनिश वानी ने कहा- वीडियो असली है

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीनिश वानी ने पुष्टि की कि वायरल वीडियो वास्तविक है. उन्होंने कहा कि यह न तो मॉर्फ्ड है और न ही AI से तैयार किया गया है. वानी के अनुसार, पैर में फ्रैक्चर होने और अवकाश पर होने के बावजूद उन्होंने घर से वर्चुअली बैठक में हिस्सा लिया था. उन्होंने कहा, "महिलाओं की गरिमा की रक्षा होनी चाहिए. किसी को भी इस तरह का व्यवहार करने का अधिकार नहीं है."

IAS अधिकारी ने दी सफाई, कहा- पूरी वीडियो देखिए

विवाद गहराने के बाद कुमार राजीव रंजन ने कहा कि यदि बहस के दौरान उनसे कोई अनुचित शब्द निकल गया हो तो उन्हें उसका खेद है. हालांकि उन्होंने दावा किया कि बैठक के दौरान दूसरी ओर से भी उत्तेजक टिप्पणियां की गई थीं.  रंजन का कहना है कि समीक्षा बैठकों का उद्देश्य जवाबदेही तय करना होता है और यदि अधिकारियों से सवाल ही नहीं पूछे जाएंगे तो कार्यों की समीक्षा कैसे होगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला अधिकारी की ओर से भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने लोगों से पूरी एक घंटे की बैठक का वीडियो देखने की अपील करते हुए कहा कि कुछ मिनट की क्लिप के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.

श्रम एवं रोजगार विभाग का स्पष्टीकरण

जम्मू-कश्मीर के श्रम एवं रोजगार विभाग ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ चुनिंदा और एडिट किए गए वीडियो क्लिप्स के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है. ये क्लिप्स 14 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक श्रम एवं रोजगार विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक के हैं. विभाग ने स्पष्ट किया कि यह एक विस्तृत समीक्षा बैठक थी, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में विभाग के कामकाज का आकलन करना था. विभाग ने यह भी बताया कि बैठक की पूरी रिकॉर्डिंग नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर के पास उपलब्ध है.

बैठक के दौरान, अध्यक्ष ने 'मिशन युवा' से जुड़ी उच्च अपेक्षाओं पर जोर दिया और जिला अधिकारियों से पूरी लगन, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आग्रह किया. अधिकारियों को याद दिलाया गया कि इस मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करना और पात्र युवाओं तक समय पर इसके लाभ पहुंचाना कितना महत्वपूर्ण है.

विभाग ने दोहराया कि आधिकारिक बातचीत में आपसी सम्मान, अनुशासन और पेशेवर मर्यादा का होना आवश्यक है. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करते समय अपने वरिष्ठों के प्रति उचित सम्मान बनाए रखें. विभाग ने इस बात पर भी जोर दिया कि पेशेवर प्रशासनिक कामकाज में भड़काऊ टिप्पणियों या अनुचित भाषा के लिए कोई जगह नहीं है; यहाँ आपसी सम्मान, संयम और संस्थागत गरिमा का होना अनिवार्य है.

बैठक से जुड़ी हालिया घटनाओं पर खेद जताते हुए, विभाग ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट्स द्वारा पूरी कार्यवाही के संदर्भ को हटाकर, चुनिंदा रूप से एडिट किए गए वीडियो क्लिप्स का प्रसार चिंता का विषय है. विभाग ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहे ये क्लिप्स असत्यापित हैं और आंतरिक प्रशासनिक चर्चाओं की इस तरह की चुनिंदा एडिटिंग से असल कार्यवाही के बारे में गलत धारणा बन सकती है.

विभाग ने आगे कहा कि लागू नियमों और कानूनों के अनुसार इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और सोशल मीडिया पर फैलने वाले असत्यापित या सनसनीखेज कंटेंट को साझा न करें, न ही उन पर भरोसा करें. विभाग ने युवाओं के सशक्तिकरण, 'मिशन युवा' के प्रभावी कार्यान्वयन और पूरे जम्मू-कश्मीर में जनसेवाओं को बेहतर बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है.
 

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