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बचपन में प‍िता को खोया, ड‍िप्‍टी जेलर से GST अफसर बनीं, मानवी चौधरी की रुला देने वाली कहानी

मानवी चौधरी मुजफ्फरनगर उत्‍तर प्रदेश से हैं. दो बार यूपीपीसीएस परीक्षा पास की. पहले ड‍िप्‍टी जेलर बनीं और बाद में सहायक आयुक्त (जीएसटी). जान‍िए इनकी सक्‍सेस स्‍टोरी. 

बचपन में प‍िता को खोया, ड‍िप्‍टी जेलर से GST अफसर बनीं, मानवी चौधरी की रुला देने वाली कहानी
मुजफ्फरनगर की मानवी चौधरी ने दुखों को हराया, लगातार दो बार पास की UPPCS परीक्षा
manvi chaudhary instagram
  • मानवी चौधरी ने पिता के निधन और दादी की मौत जैसी चुनौतियों के बावजूद यूपीपीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की
  • उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज से गणित विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है
  • कोरोना काल में मुजफ्फरनगर लौटकर भाई के प्रेरणा से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी

मानवी चौधरी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रहने वाली हैं. बचपन में पिता को खोने और यूपीपीसीएस इंटरव्यू वाले दिन दादी के निधन जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया. मानवी वर्तमान में सहायक आयुक्त (जीएसटी) के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह डिप्टी जेलर के पद पर तैनात थीं.  उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा लगातार दो बार पास कर चुकी मानवी चौधरी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज से गणित विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है. उनकी स्कूली शिक्षा मुजफ्फरनगर के स्टेपिंग स्टोन्स स्कूल से हुई है. आइए जानते हैं उनकी सफलता की पूरी कहानी.

यूपीपीसीएस पास करने के बाद मीडिया से बातचीत में मानवी चौधरी ने बताया कि उन्होंने महज आठ-नौ साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था. वे अपने पिता के काफी करीब थीं. मुजफ्फरनगर में पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली आ गईं और मैत्रेयी कॉलेज से वर्ष 2021 में स्नातक की डिग्री हासिल की. 

manvi chaudhary uppcs success story

मानवी चौधरी ने यूपीपीएससी की परीक्षा लगातार दो बार पास की. इंटरव्‍यू वाले द‍िन दादी का निधन. Photo Credit: manvi chaudhary instagram

कोरोना काल में मिली नई दिशा

मानवी चौधरी दिल्ली में पढ़ाई कर रही थीं, तभी भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर शुरू हो गई. ऐसे में उन्हें दिल्ली से वापस मुजफ्फरनगर आना पड़ा. उस समय उनके भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और उन्होंने मानवी को भी इसके लिए प्रेरित किया. दादी को अपनी पोती मानवी पर पूरा भरोसा था कि वह एक दिन अफसर जरूर बनेगी.

मानवी चौधरी की यूपीपीसीएस रैंक 

भाई के प्रेरित करने पर मानवी चौधरी ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी. यूपीपीसीएस 2023 में उन्होंने पूरे प्रदेश में 48वीं रैंक हासिल की और डिप्टी जेलर के पद पर चयनित हुईं. डिप्टी जेलर रहते हुए भी मानवी चौधरी ने यूपीपीसीएस की तैयारी जारी रखी और अगले ही साल यूपीपीसीएस 2024 में 129वीं रैंक हासिल कर सहायक आयुक्त (जीएसटी) पद के लिए चयनित हुईं. 

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मानवी चौधरी को अफसर बनने के ल‍िए उनके भाई ने प्रेर‍ित क‍िया. Photo Credit: manvi chaudhary instagram

पोती बन गई अफसर, देखने को दादी नहीं 

मानवी चौधरी बताती हैं कि जब वह यूपीपीसीएस का इंटरव्यू देने गई थीं, तब उनकी दादी ने उनसे कहा था कि उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी पोती एक दिन अफसर बनेगी. जब मानवी इंटरव्यू देकर घर लौटीं, तब तक उनकी दादी का निधन हो चुका था. यूपीपीसीएस का परिणाम आया तो मानवी अफसर बन गईं, लेकिन उन्हें अफसर बनते देखने वाली उनकी दादी इस दुनिया में नहीं रहीं. 

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