पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एक प्राइवेट स्कूल से 1.77 लाख रुपए कैश जब्त किए गए है. स्कूल से भारी मात्रा में कैश के साथ-साथ शराब की बोतलें और कंडोम भी मिले. इससे राजनीति तेज हो गई है. भारी मात्रा में नकदी की जब्ती की यह घटना उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में स्थित हर्नेट इंग्लिश मीडियम स्कूल (Harnett English Medium School) से हुई. बुधवार (10 जून 2026) की रात से शुरू हुआ यह तलाशी अभियान गुरुवार सुबह करीब 4 बजे तक चला. इस मामले ने तब और बड़ा रूप ले लिया जब पैसे के साथ-साथ स्कूल के अंदर से आपत्तिजनक चीजें भी बरामद हुईं.
मंत्री बोले- स्कूल से 10 दिन से निकाले जा रहे थे पैसे
स्कूल से नोटों की बरामदगी के मामले में पश्चिम बंगाल के मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा, "...जिस तरह का भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है, उससे तो स्कूलों को भी आलीशान जगहों में बदल दिया जाना चाहिए. चाहे वह सुरेंद्रनाथ कॉलेज हो या हार्नेट स्कूल. हार्नेट स्कूल को लेकर सवाल उठाए गए थे, और आज यह पुष्टि हो गई है कि हार्नेट स्कूल में कम से कम 50 करोड़ रुपये थे. पिछले दस दिनों से वहां से पैसे निकाले जा रहे थे..."
पैसे का खजाना देख पुलिस को मंगवाई पड़ी नोट गिनने वाली मशीन
बताया गया कि बिजापुर के विधायक सुदीप्त दास अपने विधानसभा क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों का 'डेटा बैंक' बना रहे हैं. इसी क्रम में विधायक के प्रतिनिधियों को इस स्कूल के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद, सुदीप्त दास बुधवार रात में स्कूल पहुंचे और पुलिस को बुलाया. तलाशी के दौरान कैश बरामद हुआ, जिसके लिए रात में ही स्कूल में नोट गिनने वाली मशीन मंगवाई गई. बाद में, कैश की बड़ी मात्रा को देखते हुए और मशीनें मंगवाई गईं.
Kanchrapara, West Bengal: Police recovered ₹1.77 crore from Harnett English Medium School in Kanchrapara, North 24 Parganas. ₹26 lakh was initially counted and more cash was found in packets. The area was cordoned off, and police are investigating the source of the large amount pic.twitter.com/6aMLeceueJ
— IANS (@ians_india) June 11, 2026
स्थानीय विधायक बोले- यह स्कूल का नहीं टीएमसी नेताओं का पैसा
सुदीप्त दास ने कहा, "पूर्व राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी के घर से पैसे मिले थे. अब स्कूल में कैश मिला है. यहां गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं. इसी के बाद आज यह मामला सामने आया." विधायक ने यह भी कहा, "यह पैसा स्कूल का नहीं है. यह कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी और पार्थ भौमिक का काला धन है, जो सभी तृणमूल कांग्रेस के नेता हैं. ईडी और सीबीआई की छापेमारी के डर से उन्होंने इतना सारा पैसा इस स्कूल में छिपाकर रखा था?"
विधायक ने दावा किया कि कांचरापाड़ा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन कमल इस स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष थे. हालांकि, इस मामले पर कमल, सुबोध या पार्थ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली.
प्रिसिंपल का दावा- बरामद कैश एडमिशन फीस का
स्कूल के प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल ने दावा किया कि बरामद कैश एडमिशन फीस का है. प्रिंसिपल ने यह भी दावा किया कि उन्हें नहीं पता कि स्कूल के 'सिक रूम' में कंडोम कैसे पहुंचे. उन्होंने कहा, "एडमिशन के लिए मिला पैसा लगभग अप्रैल से जमा हो रहा था. उस पैसे को बैंक में भेजा जाना था. अकाउंट्स सेक्शन इस पैसे का हिसाब-किताब देखेगा."
पुलिस के मुताबिक, बरामद पैसे का सोर्स क्या है और इतनी बड़ी रकम स्कूल में कैसे आई, इसकी जांच की जा रही है. प्रशासन का मानना है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद मामला साफ हो जाएगा.
दो आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया
सूत्रों के मुताबिक, यह पैसा बरामद होने के बाद, पूछताछ के दौरान बयानों में गड़बड़ी पाए जाने पर पुलिस ने स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और असिस्टेंट अकाउंटेंट सायन घोष को गिरफ्तार कर लिया. यह घटनाक्रम कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन रूम की अलमारी से दीमक लगे नोटों से भरा सूटकेस मिलने के एक हफ्ते बाद हुआ है. उस समय हथियार और गर्भनिरोधक दवाओं के पैकेट भी मिले थे.
यह भी पढ़ें - TMC के लिए भी 'हम ही असली पार्टी' वाला फॉर्मूला...LJP-NCP-शिवसेना की तर्ज पर छिनेगी ममता से तृणमूल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं