- अमेरिका ने वेनेजुएला के समुद्री घेरे को तोड़कर भागते विशाल तेल टैंकर ओलीना को कैरिबियन सागर में पकड़ा
- इस सनसनीखेज ऑपरेशन को दुनिया के सबसे बड़े विमान वाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड से अंजाम दिया गया
- ट्रंप ने साफ किया है कि वेनेजुएला से तेल लेकर आने-जाने वाले किसी भी प्रतिबंधित जहाज को छोड़ा नहीं जाएगा
कैरिबियन सागर की लहरों पर शुक्रवार को किसी हॉलीवुड एक्शन फिल्म जैसा नजारा दिखा. अमेरिका ने वेनेजुएला के चारों तरफ लगाए समुद्री घेरे को तोड़कर भागने की कोशिश कर रहे एक और विशाल तेल टैंकर ओलीना को बीच समंदर में ही पकड़ लिया. हाल के हफ्तों में पकड़ा गया यह 5वां जहाज है. इस ऑपरेशन का वीडियो देखकर ऐसा लगता है मानो कोई कमांडो दस्ता दुश्मन के अड्डे पर धावा बोल रहा हो.
सबसे बड़े विमान वाहक पोत से अंजाम दिया मिशन
इस सनसनीखेज ऑपरेशन को दुनिया के सबसे बड़े विमान वाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड से अंजाम दिया गया. अमेरिकी सदर्न कमांड और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के मंत्री क्रिस्टी नोएम की तरफ से जारी वीडियो में साफ देा जा सकता है कि किस तरह अमेरिकी मरीन और नेवी के जवान हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे जहाज के डेक पर उतरे. कमांडोज ने जहाज पर दाखिल होने के लिए एक छोटा धमाका भी किया.
Once again, our joint interagency forces sent a clear message this morning: “there is no safe haven for criminals.”
— U.S. Southern Command (@Southcom) January 9, 2026
In a pre-dawn action, Marines and Sailors from Joint Task Force Southern Spear, in support of the Department of Homeland Security, launched from the USS Gerald R.… pic.twitter.com/StHo4ufcdx
अमेरिकी मंत्री ने कहा, ये घोस्ट फ्लीट का जहाज
सोशल मीडिया पर इस मिशन का वीडियो शेयर करते हुए अमेरिकी सेना ने कड़ा संदेश दिया कि अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है. क्रिस्टी नोएम ने इस जहाज को घोस्ट फ्लीट (भूतिया बेड़ा) का हिस्सा बताया. उन्होंने दावा किया कि टैंकर अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी झंडे का इस्तेमाल कर रहा था और नवंबर से ही अपना लोकेशन बीकन बंद करके नजरों से बचने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने कहा कि इन घोस्ट जहाजों को भागने नहीं दिया जाएगा.
वेनेजुएला के तेल पर ट्रंप का कब्जा
जब्त किया गया टैंकर ओलीना करीब 8.9 लाख बैरल तेल ले जाने की क्षमता रखता है, जिसकी बाजार में कीमत 50 मिलियन डॉलर से भी अधिक हो सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला से तेल लेकर आने-जाने वाले किसी भी प्रतिबंधित जहाज को छोड़ा नहीं जाएगा. हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक सीक्रेट मिशन में कैद करके अमेरिका ले जाने के बाद ट्रंप अब वेनेजुएला के तेल खजाने को कंट्रोल कर रहे हैं.
वेनेजुएला की तिजोरी की चाबी अमेरिकी हाथ में
उन्होंने वेनेजुएला के तेल ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए 100 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाने के भी संकेत दिए हैं. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी एक टीवी इंटरव्यू में साफ कहा कि अब वेनेजुएला की तिजोरी की चाबी अमेरिका के हाथों में है.
भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने की तैयारी!
इस पूरे घटनाक्रम का एक दिलचस्प पहलू भारत से भी जुड़ा है. ट्रंप प्रशासन अब वेनेजुएला के तेल को भारत को बेचने की योजना बना रहा है. यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका लंबे अरसे से प्रयास कर रहा है कि भारत तेल के मामले में रूस पर अपनी निर्भरता कम करे. प्रतिबंधों से पहले भारत वेनेजुएला के तेल का बड़ा खरीदार हुआ करता था. अब अमेरिका के कंट्रोल में आने के बाद भारत को फिर से रियायती दरों पर वेनेजुएला का कच्चा तेल मिल सकता है.
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