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This Article is From Jul 10, 2024

क्या हजारीबाग से लीक हुआ NEET-UG का पेपर? CBI जांच में मिले संकेत

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार, कुछ आरोपियों और स्कूल के स्टाफ के बीच बातचीत हुई थी.

क्या हजारीबाग से लीक हुआ NEET-UG का पेपर? CBI जांच में मिले संकेत
नई दिल्ली:

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्थापित किया है कि एनईईटी यूजी घोटाले से संबंधित पेपर हजारी बाग के ओएसिस स्कूल द्वारा लीक किया गया था. वहां पहुंचे कागजात के दो सेट की सील टूटी हुई थी और स्कूल का स्टाफ मामले को जानकारी निर्धारित लोगों को देने की बजाय चुप्पी साधे रहा.

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार कुछ आरोपियों और स्कूल के स्टाफ सदस्यों के बीच कॉल से भी संबंध स्थापित होता है.

“एसबीआई हजारीबाग से विभिन्न केंद्रों के लिए प्रश्नपत्रों के नौ सेट भेजे गए थे, जो ओएसिस स्कूल केंद्र पर पहुंचे, उनकी सील टूटी हुई थी. वहां के कर्मचारियों ने अलार्म नहीं बजाया और इस तरह उनकी भूमिका स्थापित हो गई,'' एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया.

अब तक की सीबीआई जांच के अनुसार शुरुआत में सीबीआई की एक गुप्त सूचना के आधार पर पटना में स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया था. उन्होंने बताया, "तकनीकी सबूतों के आधार पर उन्होंने पटना के लर्न एंड प्ले स्कूल में तलाशी ली, जहां कुछ जले हुए कागजात बरामद हुए."

“बिहार ईओयू ने 19 मई को एनटीए को एक पत्र लिखकर पटना में पाए गए जले हुए कागजात पर पाए गए कोड के बारे में पूछा था लेकिन एनटीए ने कोई जवाब नहीं दिया. जब एमएचए ने 21 जून को एक बैठक बुलाई तभी एनटीए ने खुलासा किया कि कोड ओएसिस स्कूल के उन पेपरों से मेल खाता है,'' वह आगे बताते हैं.

दिलचस्प बात यह है कि बिहार ईओयू टीम ने सीबीआई अधिकारियों को यह भी बताया कि उन्हें सॉल्वर गिरोह के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान एनईईटी-यूजी के जले हुए प्रश्न पत्र मिले थे.

इस बीच सीबीआई अधिकारियों का भी यह दावा है हज़ारीबाग़ में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कई कमांड अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं. उन्होंने आगे कहा, "हमने इस मामले में पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल और एक पत्रकार शामिल हैं."

दिलचस्प बात यह है कि ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. एहसानुल हक, हज़ारीबाग़ में NEET-UG परीक्षा के जिला समन्वयक भी थे और उप-प्रिंसिपल इम्तियाज़ आलम, जो विशेष स्कूल के केंद्र समन्वयक थे. गिरफ्तार पत्रकार लीक हुए पेपर और स्कूल स्टाफ के बीच अहम व्यक्ति था.

सीबीआई ने अपनी जांच में छात्रों की ओर से परीक्षा देने वाले 22 अभ्यर्थियों से भी संपर्क किया है. इससे पहले बिहार सरकार के ईओयू ने 17 छात्रों की पहचान की थी, जिन्होंने मई में बिहार के केंद्रों से एनईईटी-यूजी परीक्षा दी थी.  इन सभी को अब डिबार कर दिया गया है.

मंगलवार को सीबीआई ने पटना से दो लोगों को गिरफ्तार भी किया. सन्नी कुमार जो खुद एक अभ्यर्थी था, को नालन्दा से गिरफ्तार किया गया जबकि रंजीत कुमार को गया से गिरफ्तार किया गया. सीबीआई जांच के मुताबिक वह एक अभ्यर्थी के पिता हैं.

एनडीटीवी को पता चला है कि केंद्र ने इन सभी बातों का पालन किया है और यह जानकारी हलफनामे के तौर पर सुप्रीम कोर्ट को सौंपने जा रहा है.

पूरे भारत में पेपर लीक से जुड़े छह मामलों की जांच सीबीआई कर रही है. बिहार की एफआईआर पेपर लीक होने से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की शेष एफआईआर अभ्यर्थियों के प्रतिरूपण और धोखाधड़ी से संबंधित हैं.

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