- कहा- अगर हाईकोर्ट जमानत नहीं देता तो आ सकते हैं SC
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लंबित रखा, 4 हफ्ते बाद सुनेगा
- केरल वर्किंग जर्नलिस्ट एसो ने मामले में दाखिल की है याचिका
Hathras Case: हाथरस मामले में पत्रकार (journalist) की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पत्रकार से इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) जाने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर HC जमानत नहीं देता है तो वह SC में आ सकता है. हालांकि SC ने मामले को लंबित रखा है जिसे 4 सप्ताह बाद सुना जाएगा. इस बीच पत्रकार उच्च न्यायालय का रुख कर सकता है गौरतलब है कि केरल वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन (KUWJ)) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, यह सुनवाई CJI एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की बेंच ने की.
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केरल वर्किेंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन की याचिका में हाथरस की घटना की रिपोर्टिंग के संबंध में जा रहे पत्रकार सिद्दीक कप्पन को यूपी पुलिस की हिरासत से कोर्ट में पेश करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की गई है, जिसमें इस गिरफ्तारी को अवैध बताया गया है और कहा गया है कि यह गिरफ्तारी कप्पन द्वारा पत्रकार कर्तव्य के निर्वहन में बाधा है और शीर्ष अदालत की ओर से निर्धारित दिशानिर्देशों के खिलाफ है. याचिका में यह भी कहा गया है कि यूपी सरकार ने सिद्धीक के माता-पिता या उनके सहयोगियों को गिरफ्तारी और हिरासत की जगह के बारे में सूचित नहीं किया.
गौरतलब है कि यूपी पुलिस (Uttar Pradesh Police) ने केरल के एक पत्रकार (Kerala Journalist) समेत चार लोगों के खिलाफ आतंक विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया है. चारों को हाथरस जाते समय मथुरा में गिरफ्तार कर लिया गया था. वह लोग पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे. गिरफ्तार पत्रकार केरल में एक मशहूर वेबसाइट का संचालक है. पुलिस द्वारा चारों के खिलाफ दर्ज की गई FIR के अनुसार, चारों को सोमवार रात उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वो पीड़ित परिवार से मिलने के लिए हाथरस जा रहे थे. पत्रकार केरल की मशहूर वेबसाइट Carrd.co से जुड़ा है. कथित तौर पर इस वेबसाइट का लिंक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से बताया जा रहा है. इस संगठन को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बैन करना चाहती है.
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