उद्धव ठाकरे की शिव सेना के नेता संजय राउत के एक बयान से हंगामा हो गया है. उन्होंने अल्बानिया में सप्रीम कोर्ट जलाए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए न्यायपालिका के खिलाफ जनआक्रोश का हवाला देकर भारत को नसीहत दी है. उन्होंने भारत को इससे सीख लेने की सलाह दी है. उनके इस बयान को लेकर बीजेपी ने उनकी आलोचना की है. बीजेपी ने कहा है कि राउत ने अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट जलाने का समर्थन किया है और क्या अब वो चाहते हैं कि भारत का सुप्रीम कोर्ट भी जला दिया जाए?
संजय राउत ने कहा क्या है
संजय राउत ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर मराठी में किए पोस्ट में कहा है कि अल्बानिया के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट की इमारत में आग लगा दी है.उनका कहना है कि लोग इस बात से नाराज थे कि सुप्रीम कोर्ट भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद कर रहा था. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने संसद, सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया. दुनिया के सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए, खासकर भारत को. उन्होंने एक वीडियो पोस्ट को शेयर करते हुए यह बात कही है. यह वीडियो अल्बानिया कहा है, जहां गुस्साई भीड़ ने वहां की सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी थी.

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राउत के इस बयान पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उनकी आलोचना की है.उन्होंने एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा है कि संजय राउत अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट जला दिया उसका स्वागत करते हैं, समर्थन करते हैं, उन्हें अराजकता चाहिए. सोमैया ने लिखा है, पहले राष्ट्रपति जी, फिर चुनाव आयोग, फिर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, इन सबका अपमान किया, गालियां दीं और वो अब चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट जला दिया जाए? बीजेपी नेता ने लिखा है कि हिंदुस्तान की जनता अराजकता सहन नहीं करेगी, संजय राउत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमान याचिका चल रही है, वहां उसको जवाब मिलेगा.

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा है कि हिंदुस्तान की जनता अराजकता सहन नहीं करेगी.
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संजय राउत के खिलाफ अवमानना याचिका
संजय राउत इससे पहले उस समय विवाद में फंस गए थे, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश ने विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था. इसके बाद न्यायपालिका और सीजेआई पर की गई उनकी टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अटार्नी जनरल आर वेंकटरमनी की सहमति के बाद यह याचिका दाखिल की है.इसमें कहा गया है कि संजय राउत ने जानबूझकर मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक आरोप लगाए हैं.
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