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NDTV World Summit 2026: निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस

NDTV World Summit 2026: भारत को मजबूत बनाने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आपस में 'CEO' की तरह मुकाबला करना चाहिए. निखिल कामत ने देश की 'नेक्स्ट इकॉनमी' और भारत के अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर बड़ा प्लान शेयर किया.

NDTV World Summit 2026: निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस
Nikhil Kamath At NDTV World Summit 2026: जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने भारत की अर्थव्यवस्था पर रखा बड़ा विजन
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

NDTV World Summit 2026: देश की राजधानी नई दिल्ली में दो दिवसीय 'NDTV वर्ल्ड समिट 2026' का शानदार आगाज हो चुका है. 22 और 23 अक्टूबर को आयोजित इस महामंच पर दुनिया भर के ग्लोबल लीडर्स, पॉलिसीमेकर्स और दिग्गज बिजनेसमैन इकट्ठा हुए हैं. इस समिट के पहले दिन जेरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर और फेमस इन्वेस्टर निखिल कामत ने भारत की बदलती अर्थव्यवस्था, टेक सेक्टर और अमीर-गरीब के फर्क पर खुलकर अपने विचार साझा किए.

राज्यों के CM बीच हो CEO जैसी रेस

निखिल कामत ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए दूसरों के अच्छे मॉडलों से सीखने में झिझकना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि चीन खुद को भले ही पूंजीवादी (कैपिटलिस्ट) न कहे, लेकिन उसके राज्य और मेयर एक-दूसरे से किसी बड़ी कंपनी की तरह मुकाबला करते हैं.

कामत के मुताबिक, भारत के 28 राज्यों और उनके मुख्यमंत्रियों को भी एक सीईओ (CEO) की तरह काम करना चाहिए. अगर राज्यों को अपनी कमाई और बिजनेस से होने वाले फायदे का बड़ा हिस्सा खुद के पास रखने की छूट मिले, तो देश के अंदर बिजनेस और ग्रोथ की एक नई होड़ शुरू हो सकती है.

भारत का हो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी पर बात करते हुए निखिल कामत ने एक नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने की इच्छा जताई. उन्होंने बताया कि उनकी टीम इस दिशा में अलग-अलग एप्लिकेशन्स पर काम और एक्सपेरिमेंट कर रही है. उन्होंने कहा कि जैसे चीन के पास अपना हर टेक प्लेटफॉर्म है, वैसे ही आने वाले समय में भारत का भी अपना एक बड़ा सोशल मीडिया नेटवर्क हो सकता है. कामत का मानना है कि दुनिया भर में टेक प्लेटफॉर्म्स को लेकर आत्मनिर्भर बनने की सोच बढ़ रही है और भारत के लिए भी यह एक बेहतरीन मौका है.

इसके अलावा, युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अगर वह आज 17 साल के होते, तो पश्चिमी देशों में हो रहे तकनीकी बदलावों के हिसाब से कुछ नया तैयार करते.

AI सेक्टर की फंडिंग पर क्या बोले निखिल कामत?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बात करते हुए निखिल कामत ने एक बड़ा मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि AI में जितना पैसा लगाया जा रहा है और जितना रिटर्न आ रहा है, उसके बीच बहुत बड़ा अंतर है. फिलहाल हर साल करीब 1 ट्रिलियन डॉलर AI में लग रहे हैं, जबकि कंपनियों को इसके जरिए सिर्फ 100 से 200 बिलियन डॉलर ही मिल पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस 700 से 800 बिलियन डॉलर के गैप को पाटना आसान नहीं होगा. महंगे होते कर्ज और बढ़ती ब्याज दरों के दौर में आने वाले समय में कंपनियों के लिए फंडिंग जुटाना और मुश्किल हो सकता है.

अमीरों को खुद कम करना होगा अमीर-गरीब का फर्क

देश के अमीर लोगों को लेकर निखिल कामत ने कहा कि समाज में अमीर और गरीब के बीच बढ़ती आर्थिक असमानता लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के लिए अमीरों को खुद आगे आकर दान करने और फंड डिस्ट्रीब्यूशन पर ध्यान देना चाहिए ताकि समाज का हर वर्ग साथ मिलकर आगे बढ़ सके. कामत ने  चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस अंतर को समय रहते कम नहीं किया गया, तो आने वाले समय में हालात बिगड़ सकते हैं.

टैक्स सिस्टम को लेकर बड़ा सुझाव

इसके अलावा, शेयर बाजार के निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए उन्होंने टैक्स सिस्टम को लेकर बड़ी बात कही. नितिन कामत ने सुझाव दिया कि सरकार को हर छोटी ट्रेड पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और स्टैम्प ड्यूटी लगाने के बजाय सीधे फाइनल इनकम पर टैक्स लेना चाहिए.
 

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