
नई दिल्ली:
कश्मीर के हंदवाड़ा में जिस लड़की के साथ छेड़खानी के मामले में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी उसी मामले में पीड़िता ने अब नया यू टर्न लिया है। उसने अब कहा है कि एक फौजी ने ही उसके साथ छेड़खानी की थी। उसने कहा कि उसे पुलिस ने अपनी ‘हिरासत’ में रखकर डराया और धमकाया ताकि वह उनके मन मुताबिक बयान दे सके।
दबाव में दिया था बयान
हंदवाड़ा में छात्रा के साथ कथित छेड़खानी मामले में नया मोड़ आ गया है। पहले पीड़ित छात्रा ने अदालत में अपने बयान में कहा था कि उसके साथ किसी फौजी ने छेड़छाड़ नहीं की है लेकिन अब वह कह रही है कि उसके साथ छेड़छाड़ फौजी ने ही की है। अब वह यह भी कह रही है कि पहले उसने पुलिस के दबाब में बयान दिया था।
पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप
इतना ही नहीं उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिरासत में उसे प्रताड़ित तक किया गया। एसपी हंदवाड़ा ने जबरन उससे बयान दिलाते हुए उसका वीडियो बनाया। अब पीड़ित लड़की कह रही है कि अब वह चुप नहीं बैठेगी बल्कि अपनी अंतिम सांस तक अपने इंसाफ के लिए लड़ेगी।
हंदवाड़ा में भड़की थी हिंसा
गौरतलब है कि बीते 12 अप्रैल को हंदवाड़ा में कुछ लोगों ने एक छात्रा के साथ फौजी द्वारा छेड़खानी का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही पूरे इलाके में हिंसा भड़क उठी। इस दौरान पांच लोग मारे गए। पहले तो पीड़ित छात्रा ने अपने बयान में फौजी को क्लीनचिट दी। यही नहीं उसने कहा कि शौचालय के बाहर दो लड़कों ने उसे मारा पीटा और उन्होंने ही छेड़खानी की अफवाह फैलाई।
वैसे कानून के जानकारों के मुताबिक पीड़ित के बार-बार बयान बदलने से उसका ही पक्ष कमजोर होता है। खासकर अदालत के सामने कुछ और बयान और फिर बाहर आकर कुछ और बयान कई सारे सवाल खड़े करता है। आखिर सच क्या है ?
दबाव में दिया था बयान
हंदवाड़ा में छात्रा के साथ कथित छेड़खानी मामले में नया मोड़ आ गया है। पहले पीड़ित छात्रा ने अदालत में अपने बयान में कहा था कि उसके साथ किसी फौजी ने छेड़छाड़ नहीं की है लेकिन अब वह कह रही है कि उसके साथ छेड़छाड़ फौजी ने ही की है। अब वह यह भी कह रही है कि पहले उसने पुलिस के दबाब में बयान दिया था।
पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप
इतना ही नहीं उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिरासत में उसे प्रताड़ित तक किया गया। एसपी हंदवाड़ा ने जबरन उससे बयान दिलाते हुए उसका वीडियो बनाया। अब पीड़ित लड़की कह रही है कि अब वह चुप नहीं बैठेगी बल्कि अपनी अंतिम सांस तक अपने इंसाफ के लिए लड़ेगी।
हंदवाड़ा में भड़की थी हिंसा
गौरतलब है कि बीते 12 अप्रैल को हंदवाड़ा में कुछ लोगों ने एक छात्रा के साथ फौजी द्वारा छेड़खानी का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही पूरे इलाके में हिंसा भड़क उठी। इस दौरान पांच लोग मारे गए। पहले तो पीड़ित छात्रा ने अपने बयान में फौजी को क्लीनचिट दी। यही नहीं उसने कहा कि शौचालय के बाहर दो लड़कों ने उसे मारा पीटा और उन्होंने ही छेड़खानी की अफवाह फैलाई।
वैसे कानून के जानकारों के मुताबिक पीड़ित के बार-बार बयान बदलने से उसका ही पक्ष कमजोर होता है। खासकर अदालत के सामने कुछ और बयान और फिर बाहर आकर कुछ और बयान कई सारे सवाल खड़े करता है। आखिर सच क्या है ?
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