- ज्ञानवापी में सावन पूजा को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
- सीलबंद वजूखाना क्षेत्र में जलाभिषेक की मांग
- 2022 से सीलबंद है वजूखाना क्षेत्र
Gyanvapi Case: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर से जुड़े बहुचर्चित विवाद में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है. हिंदू पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय से सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर के सीलबंद वजूखाना क्षेत्र में स्थित कथित शिवलिंग पर पूजा और जलाभिषेक की अनुमति देने की मांग की है. यह क्षेत्र वर्ष 2022 में अदालत की निगरानी में हुए सर्वे के बाद सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के तहत सील कर दिया गया था. हिंदू पक्ष का कहना है कि वह अदालत द्वारा तय सभी शर्तों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन करने को तैयार है. इस सुनवाई पर दोनों पक्षों के साथ-साथ देशभर की नजरें टिकी हुई हैं.
क्या है हिंदू पक्ष की मांग?
हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिकाएं दाखिल कर सीलबंद वजूखाना क्षेत्र में स्थित कथित शिवलिंग की पूजा और जलाभिषेक की अनुमति मांगी है. उनका कहना है कि सावन भगवान शिव की आराधना का महत्वपूर्ण महीना होता है और श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दी जानी चाहिए. याचिका में कहा गया है कि पूजा के दौरान अदालत द्वारा निर्धारित किसी भी सुरक्षा शर्त और प्रशासनिक व्यवस्था का पूरी तरह पालन किया जाएगा.
2022 से सीलबंद है वजूखाना क्षेत्र
ज्ञानवापी परिसर का विवादित क्षेत्र वर्ष 2022 में अदालत की निगरानी में हुए सर्वे के दौरान चर्चा में आया था. सर्वे के बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि वजूखाना क्षेत्र में शिवलिंग मिला है, जबकि मुस्लिम पक्ष ने इस दावे का विरोध किया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार संबंधित क्षेत्र को सीलबंद कर दिया गया और तब से वहां यथास्थिति बनी हुई है.
मध्यस्थता का प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं दोनों पक्ष
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने "समाधान समारोह" पहल के तहत दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया था. हालांकि हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और मामले का कानूनी समाधान अदालत के जरिए ही कराने की बात कही. इसके बाद अब विवाद का निपटारा नियमित न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ रहा है.
दोनों पक्षों के दावे
हिंदू पक्ष लगातार यह दावा करता रहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण मुगल काल में एक मंदिर को तोड़कर किया गया था. वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद एक वैध वक्फ संपत्ति है और हिंदू पक्ष के दावों का वह लगातार विरोध करता रहा है.
पिछले वर्षाें के अहम फैसले
ज्ञानवापी विवाद में पिछले एक वर्ष के दौरान कई महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम देखने को मिले हैं. जनवरी 2024 में वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर के दक्षिणी तहखाने, जिसे व्यास तहखाना कहा जाता है, में हिंदू श्रद्धालुओं को पूजा की अनुमति दी थी. बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन समिति की अपील खारिज कर दी और जिला प्रशासन को अदालत के आदेश के अनुरूप पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे.
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