- गुवाहाटी में दो कम्युनिटी डॉग्स की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है
- पुलिस ने जांच के दौरान CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की समीक्षा कर आरोपी को गिरफ्तार किया है
- आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है
गुवाहाटी के बेल्टोला-हाटीगांव इलाके में दो कम्युनिटी डॉग्स यानी इलाके के कुत्तों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है, हालांकि पुलिस अभी भी इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये दोनों घटनाएं किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा थीं.
सोशल मीडिया पर मामले को लेकर लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला. इंसाफ की मांग को लेकर शहर में कैंडल मार्च भी निकाला गया.
पुलिस ने शुरू की जांच
बुधवार को NDTV से बातचीत में गुवाहाटी ईस्ट के डीसीपी टी.आर. पेगु ने बताया कि हाटीगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि मामले में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
डीसीपी ने कहा, 'हमने शुरू से ही दोनों घटनाओं को गंभीरता से लिया. आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. जांच के दौरान CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच की गई है. जानवरों के साथ क्रूरता एक दंडनीय अपराध है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.'
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं.
'कानी' की मौत से शुरू हुआ मामला
यह मामला सबसे पहले 'कानी' नाम के एक 12 साल के कुत्ते की मौत के बाद सामने आया. कानी नसबंदी और वैक्सीनेशन करा चुका था. स्थानीय लोग लंबे समय से उसकी देखभाल कर रहे थे. डॉग लवर सैयदा अंबिया जहान ने FIR दर्ज कर आरोप लगाया कि कानी को मार दिया गया और उसका शव हाटीगांव-बेल्टोला इलाके में एक कब्रिस्तान के पास फेंक दिया गया.
24 घंटे में दूसरी मौत
कानी की मौत के 24 घंटे के भीतर 'बोगा' नाम का करीब 8 साल का एक और कुत्ता मृत मिला. उसका शव अजंता पथ के पास मिला, जो उस जगह से ज्यादा दूर नहीं था जहां कानी का शव मिला था. लगातार दो कुत्तों की मौत के बाद स्थानीय लोगों का शक और गहरा गया. बड़ी संख्या में लोग हाटीगांव पुलिस स्टेशन पहुंचे और दोनों घटनाओं के बीच संबंध होने की आशंका जताई.
लोगों में गुस्सा, जांच की मांग
इन घटनाओं के बाद इलाके में रोष फैल गया. सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर व्यापक चर्चा हुई. जानवरों के लिए काम करने वाले वॉलंटियर्स और स्थानीय लोगों ने मामले की पूरी जांच की मांग की है. कई लोगों को डर है कि ये मौतें शायद अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं.
गिरफ्तारी के बाद, 4 अगस्त को स्थानीय लोग और डॉग लवर्स उस जगह पर इकट्ठा हुए जहां कुत्ते मिले थे. उन्होंने कानी और बोगा को याद किया, दोषियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की और अधिकारियों से आस-पास रहने वाले जानवरों की सुरक्षा मजबूत करने का आग्रह किया.
शिकायतकर्ता सैयदा अंबिया जहान ने कहा, 'जानवरों की सुरक्षा, तेज जांच और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए हमें BNS और PCA एक्ट के प्रावधानों के अलावा एक मजबूत कानून की जरूरत है. हम इस बारे में एक्टिविस्ट और जन-प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का एक सिलसिला शुरू करने जा रहे हैं.'
हालांकि गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि आरोपी किसी और ऐसी घटना में शामिल था या नहीं. जांच करने वालों का कहना है कि जब तक मामले के सभी पहलुओं की जांच नहीं हो जाती, तब तक जांच जारी रहेगी.
DCP ने जनता से जानवरों के साथ क्रूरता की घटनाओं की तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की और दोहराया कि जानवरों के खिलाफ अपराध कानून के तहत सजा-ए-लायक हैं और उनसे सख्ती से निपटा जाएगा.
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