विज्ञापन

जंतर-मंतर वाले जुनैद को स्कॉर्पियो से कौन उठा ले गया था? 260 किमी दूर मसूरी में छोड़ा!

मोहम्मद जुनैद कहते हैं कि मुझे पूरी जिंदगी इस बात का दुख रहेगा कि मैं आखिरी दिन जंतर-मंतर पर खुशी के लम्हों में शामिल नहीं रह सका. कई ऐसे लोगों से मुलाकात नहीं हो सकी, जिनसे मैं कभी मिल नहीं पाऊंगा.

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में लोगों को खाना बांटने वाले मोहम्मद जुनैद से एनडीटीव ने खास बातचीत की. (Photo: NDTV)
नई दिल्ली:

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में गाजियाबाद के मोहम्मद जुनैद ने खाना बांटकर खूब सुर्खियां बटोरीं. छात्रों की मांग पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी हो गया. इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर का धरना-प्रदर्शन जीत के जश्न में तब्दील हो गया तो सबका सवाल यही था कि जुनैद कहां गायब हैं. एनडीटीवी ने जब जुनैद से यह सवाल पूछा तो जवाब में सामने आई 24 घंटे चली अपहरण, अंधेरे, खौफ और दहशत की कहानी. 

जुनैद बताते हैं कि मैं प्रोटेस्ट के आखिरी दिन दुर्भाग्यवश मौके पर मौजूद नहीं था क्योंकि उससे एक दिन पहले 24 जुलाई को रात में प्रोटेस्ट साइट पर एक कुत्ते ने मेरे पैर पर काट लिया. इलाज के लिए मैं अपने दोस्त के साथ ऑटो से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल पहुंचा क्योंकि साइट पर इंटरनेट बंद था और कैब बुक नहीं हो सकती थी.

सीजेपी प्रोटेस्ट में मोहम्मद जुनैद लोगों को फ्री में खाना खिलाते थे.

सीजेपी प्रोटेस्ट में मोहम्मद जुनैद लोगों को फ्री में खाना खिलाते थे.
Photo Credit: NDTV

सफेद स्कॉर्पियो, हट्टे-कट्टे लोग और दहशत!

जुनैद कहते हैं कि मैं और मेरा दोस्त आरएमएल हॉस्पिटल से रात करीब 12 बजकर 10 मिनट पर इलाज करवाने के बाद जंतर-मंतर के लिए ऑटो से निकले थे. ऑटो अभी सिर्फ 50 मीटर ही चला कि इतने में अचानक एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो आई और ऑटो के आगे खड़ी हो गई. हम कुछ समझ पाते उससे पहले ही स्कॉर्पियो से चार-पांच हट्टे-कट्टे नौजवान निकलते हैं और दोनों साइड से हमें घेर लिया जाता है. हम डर गए लेकिन उन्होंने कहा कि हम दिल्ली पुलिस से हैं, घबराइओ मत. हमने उनसे उनका कार्ड मांगा तो उन्होंने इतना तेजी से दिखाकर वापस रख लिया कि उसपर क्या नाम लिखा है ये हम नहीं पढ़ पाए.

मोहम्मद जुनैद आज भी उस वक्त और घटना को याद कर सिहर जाते हैं. वे बताते हैं, "हमारी आंखों पर पट्टी बांध दी गई. किसी को जानकारी देने का हमें मौका ही नहीं मिला, हमारे मोबाइल ले लिए गए और कार में बीच में बैठाकर नीचे की तरफ गर्दन करने को बोला गया. करीब पच्चीस मिनट तक गाड़ी चली और अनजान जगह पर ले जाया गया. इस दौरान कहा गया कि हमारे साहब आएंगे और आपसे बात करेंगे."

जुनैद बताते हैं कि पूरी राज गुजर गई और हमारी आंखों की पट्टी नहीं खोली गई. सुबह हुई और करीब साढ़े ग्यारह बजे मुझसे और मेरे साथी से सवाल किए गए कि यह सब क्यों कर रहे हो, कौन तुम्हारी मदद कर रहा है.  

"सवाल-जवाब किए जाने के बाद हमें एक गाड़ी में बैठाया गया और लगातार पांच से छह घंटे गाड़ी चलती रही. हमें बहुत डर लग रहा था. मैं सोचने लगा था कि जेएनयू के नजीब की तरह मेरे साथ भी न हो जाए."

मोहम्मद जुनैद

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में खाना बांटने वाले

उन्होंने आग बताया कि हमें एक जंगल जैसी जगह पर छोड़ा गया और कहा गया कि पांच मिनट तक आंख से पट्टी नहीं खोलनी है और एक घंटे तक मोबाइल फोन नहीं ऑन करना है. जब हमने पट्टी खोली तो वे जा चुके थे. वहां हमें कोई नजर नहीं आ रहा था. जब हमने एक राहगीर से पूछा तो पता चला कि हम पूरे 260 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के मसूरी में हैं. जुनैद बताते हैं कि इसके बाद हम कैब के जरिए दिल्ली आए.

ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में खाना बांटने वाले मोहम्मद जुनैद को कहां से मिल रही थी मदद?

'जिंदगी भर दुख रहेगा...'

मोहम्मद जुनैद के मुताबिक उन्हें 24 जुलाई की रात दिल्ली से उठाया गया था और 25 जुलाई की शाम छोड़ा गया, उसी दिन जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा सौंपा था, इसीलिए जुनैद छात्रों के साथ जंतर-मंतर पर सेलिब्रेशन में नहीं शामिल हो पाए थे. 

जुनैद कहते हैं कि मुझे पूरी जिंदगी इस बात का दुख रहेगा कि मैं आखिरी दिन जंतर-मंतर पर खुशी के लम्हों में शामिल नहीं रह सका. कई ऐसे लोगों से मुलाकात नहीं हो सकी, जिनसे मैं कभी मिल नहीं पाऊंगा. हम चाहते थे आखिरी पलों में लोगों से मुलाकात होती और उनकी बातें सुनते. रात करीब ग्यारह बजे हम दिल्ली पहुंचे, तब तक जंतर-मंतर से लोग जा चुके थे.

ये भी पढ़ें: जंतर मंतर के आस-पास 'कई जंतर मंतर', बोल रही हैं दीवारें- Ground Report

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Jantar Mantar, Mohammad Junaid, CJP, Exclusive Interview, Cockroach Janta Party (CJP)
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com