- गुजरात के वलसाड के एक ब्राह्मण परिवार ने नशेड़ी बेटे की असहनीय यातनाओं से तंग आकर इच्छामृत्यु की मांग की है
- परिवार में पति-पत्नी के दो बेटे और एक दिव्यांग बेटी है, जिसमें छोटा बेटा 25 साल से नशे का आदी है
- नशेड़ी बेटा शराब पीकर घर आता है और परिवार के सदस्यों को मारपीट, तोड़फोड़ और गाली गलौच से परेशान करता है
गाजियाबाद के हरीश राणा के इच्छामृत्यु वाली कहानी यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देश को इमोशनल कर गई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अस्पताल में उसे पल-पल तड़पते देखना सबका कलेजा चीर गया. अब गुजरात के वलसाड में एक परिवार ने इच्छामृत्यु की गुहार लगाई है. यहां पर हरीश राणा से अलग मामला है. परिवार का कहना है कि वह नशेड़ी बेटे की असहनीय यातनाओं से तंग आकर हमने ये अंतिम निर्णय लिया है.
नशेड़ी बेटे से तंग है परिवार
पीड़ित परिवार वलसाड के अब्रमा का रहने वाला है. ब्राह्मण परिवार को अपने नशेड़ी बेटे से दिक्कत है. इस परिवार में पति-पत्नी के दो बेटे और एक बेटी है. बेटी जन्म से ही दिव्यांग है. छोटा बेटा 25 साल से नशे का आदी है. वह शराब पीकर घर आता है और परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित करता है.
और मांग ली इच्छामृत्यु
बड़े बेटे ने अपने माता-पिता और बहन के शोक के कारण शादी नहीं की.परिवार की इच्छामृत्यु की मांग कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची, जिससे हलचल मच गई. परिवार ने कहा कि नशेड़ी बेटे की असहनीय यातनाओं से मानसिक रूप से व्याकुल होकर यह अंतिम निर्णय लिया है. घर के मुखिया यानी पिता ने बताया कि हम अपने छोटे बेटे से तंग हैं और वह घर में आकर तोड़फोड़ मारपीट और गाली गलौच करता है. हमने पुलिस को भी शिकायत दी थी पर पुलिस ने कहा कि ये तुम लोगों का घरेलू मामला है.
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