गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल ने 2002 के सांप्रदायिक दंगों से जुड़े एक मामले में निर्दोष लोगों को फंसाने की साजिश रचने के मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को ट्रांसफर वारंट के जरिए गिरफ्तार किया है. सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक आर बी श्रीकुमार के बाद मामले में गिरफ्तार किए गए भट्ट तीसरे आरोपी हैं.
वह 27 साल पुराने एक मामले में साल 2018 से पालनपुर जेल में बंद है. उनपर राजस्थान के एक वकील को फंसाने का आरोप है. उस मुकदमे के दौरान ही उन्हें जामनगर में एक हिरासत में मौत के मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. अहमदाबाद अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त चैतन्य मांडलिक ने कहा, "हमने पालनपुर जेल से संजीव भट्ट को ट्रांसफर वारंट पर हिरासत में ले लिया और मंगलवार शाम को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया.
-
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी में चल रहा था पास-फेल का खेल, जांच रिपोर्ट में खुली पोल
मांडलिक 2002 के गोधरा के बाद हुए दंगों से संबंधित विभिन्न मामलों में सबूत गढ़ने के मामले में भट्ट, कुमार और सीतलवाड़ की भूमिकाओं की जांच के लिए पिछले महीने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के सदस्यों में से एक हैं. सीतलवाड़ और कुमार को पिछले महीने अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था और वे वर्तमान में सलाखों के पीछे हैं. 2002 के दंगों के मामलों में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विशेष जांच दल द्वारा दी गई क्लीन चिट को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया था.
तीनों के खिलाफ अपराध शाखा में धारा 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जालसाजी), 194 (पूंजीगत अपराध की सजा हासिल करने के इरादे से झूठे सबूत देना या गढ़ना),सहित कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
VIDEO: पाकिस्तान बॉर्डर पर रोबोट करेगा निगरानी, 24 घंटे नजर रखेगा 'साइलेंट संतरी'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं