पिछले दिनों नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके, स्पोक्सपर्सन सौरव दास और आशुतोष रांका नजर आ रहे हैं. वीडियो में सीजेपी के तीन पदाधिकारियों से कुछ पुलिस अधिकारी बात करते नजर आ रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, यह वीडियो 19 जुलाई के बाद का है, जब प्रोटेस्ट चल रहा था.
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास से एक पुलिस अधिकारी यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आपका प्लान क्या है? आप इसको ऑर्गनाइज कैसे करोगे? ऑर्गनाइज करना पड़ेगा. हर हाल में ऑर्गनाइज करना पड़ेगा.
प्रोटेस्ट साइट पर उस वक्त बढ़ती भीड़ का जिक्र करते हुए पुलिस अधिकारी आगे कहते हैं कि इस पर हमसे कौन बात करेगा? मैं तो कब से बुला रहा हूं और बात करने की कोशिश कर रहा हूं. आप इसको कैसे ऑर्गनाइज करोगे? ऑपको वॉलंटियर्स आइडेंटिफाइ करवाने पड़ेंगे.
जंतर-मंतर पर क्यों भड़की थी हिंसा?
जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर हुई हिंसा की गूंज अब भी जांच एजेंसियों के गलियारों में सुनाई दे रही है. इस बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह हिंसा क्यों भड़की? क्या यह छात्रों और प्रदर्शनकारियों के गुस्से का नतीजा थी या फिर इसके पीछे पहले से रची गई कोई सुनियोजित साजिश थी? यही सवाल अब दिल्ली पुलिस की जांच का केंद्र भी है.
हालांकि, हिंसा के करीब दो हफ्ते बाद भी पुलिस ने इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की है. 20 जुलाई को हिरासत में लिए गए करीब 70 लोगों को भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था. अब जांच का पूरा फोकस डिजिटल सबूतों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों पर है.
ये भी पढ़ें: क्या जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए बंद कर दिया गया? दिल्ली पुलिस ने बताई सच्चाई
20 जुलाई को कैसे शुरू हुई हिंसा?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे और वहां से संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश की. उस वक्त संसद का मॉनसून सत्र चल रहा था और पूरे इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू थी. जंतर मंतर और संसद के आसपास के इलाके को 15 जोन में बांटा गया था, हर जोन का इंचार्ज एक डीसीपी रैंक का अधिकारी था.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं