फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझाने के लिए होती है, लेकिन रसूखदार लोग इससे अपना घर भी धुलवा सकते हैं. ऐसा ही एक मामला गुजरात के देवगढ़ बारिया से सामने आया है, जहां फायर ब्रिगेड से निजी मकान को धुलवाया गया. मकान स्थानीय विधायक बचुभाई एम. खाबड़ के बेटे बलवंतभाई बचुभाई खाबड़ के नाम बताया गया है. नगर पालिका के चीफ ऑफिसर ने उन्हें 25 हजार रुपये का जुर्माना भरने का नोटिस दिया है.
यह घटना 4 अक्टूबर की है. जब विधायक के आवास पर 'इमरजेंसी कॉल' बताकर एक फायर ब्रिगेड को पिपेरो गांव भेजा गया था, लेकिन वहां इसका इस्तेमाल निजी मकान के बाहरी हिस्से को धोने के लिए किया गया.
आग बताकर घर की सफाई करवाई
NDTV को मिले आधिकारिक दस्तावेजों और विभागीय रिपोर्टों के अनुसार, नगर पालिका अध्यक्ष धर्मेश कलाल ने फायर स्टेशन पर फोन करके बताया था कि विधायक के घर पर आग लगने की आपातकालीन स्थिति है.
ड्यूटी पर मौजूद फायर कर्मियों ने गाड़ी भेजने से पहले चीफ ऑफिसर से मौखिक मंजूरी ली थी, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि फायर टेंडर का इस्तेमाल आग बुझाने के बजाय घर की सफाई के लिए किया जा रहा था.
फायर कर्मियों ने तुरंत काम रोक दिया. मौके पर ही 2,700 रुपये का चार्ज वसूला, गाड़ी वापस ले आए और इस बारे में इंटरनल रिपोर्ट सौंप दी.

अब लगा 25 हजार का जुर्माना
जारी किए गए औपचारिक नोटिस में 'गुजरात फायर प्रिवेंशन एंड लाइफ सेफ्टी मेजर्स एक्ट, 2013' की धारा 39 और 44 का हवाला दिया गया है.
इन धाराओं के तहत गलत जानकारी देने और फायर विभाग को गुमराह करने पर दंड का प्रावधान है. नगर पालिका प्रशासन ने विधायक के बेटे को 3 दिन के भीतर 25,000 रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया है.
आधिकारिक चेतावनी में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर जुर्माना नहीं भरा जाता है, तो प्रशासन कानून के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा, जिसमें पुलिस कार्रवाई भी शामिल हो सकती है.
सियासत गरमाई, कांग्रेस ने FIR की मांग की
इस पूरे विवाद पर राजनीतिक विवाद और गहराता जा रहा है. विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सत्ता के दुरुपयोग के लिए विधायक के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है.
कांग्रेस इस बात पर सफाई चाहती है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी प्रशासनिक नियमों के तहत भेजी गई थी या फिर फोन कॉल आने पर ही भेज दी गई थी.
इसके साथ ही, कांग्रेस ने सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करने की भी मांग की है.
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